ट्रेनों में भी यात्रियों को डेंगू का संक्रमण हो रहा है। इसके अलावा गर्भवती के लिए डेंगू खतरा बन रहा है। कई गर्भवती का प्लेटलेट्स काउंट घट गया। इनकी डिलेवरी कराने के लिए प्लेटलेट्स और खून चढ़ाना पड़ा। हैलट और उर्सला में डेंगू का अलग-अलग वार्ड बनाया गया है। उर्सला में मच्छरदानी की भी व्यवस्था की गई है।
रोगियों में वायरस लोड बढ़ने के बाद एडीज मच्छर एक व्यक्ति से दूसरे में डेंगू फैला रहा है। इससे रोगियों की संख्या अचानक बढ़ गई है। माइक्रोबायोलॉजी में 186 सैंपल की जांच की गई, जिनमें 84 को डेंगू निकला। डॉक्टरों का कहना है कि रोगी को काट लेने पर मच्छर किसी सामान्य व्यक्ति को काटेगा तो उसे डेंगू हो जाएगा। एक निजी कंपनी में मार्केटिंग मैनेजर स्वरूपनगर के राघवेंद्र कुमार (44) मुंबई से ट्रेन से आए। तेज बुखार आने पर जांच कराई तो डेंगू निकला। इसी तरह हर्षनगर के विनोद विक्रम (42) कोलकाता से ट्रेन का सफर करने के बाद बीमार पड़ गए।