फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jalaun: उरई से फिर उठी अलग बुंदेलखंड राज्य की मांग, विधायक बृजभूषण राजपूत बोले- आंदोलन को देंगे नई धार

Sat, 18 Jul 2026 08:17 PM IST
प्रसून शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला,उरई

सार

Jalaun News: चरखारी से भाजपा विधायक बृजभूषण राजपूत ने शनिवार को उरई पहुंचकर एक बार फिर अलग बुंदेलखंड राज्य की मांग को मुखर किया। उनके आवास पर समर्थकों और क्षेत्रवासियों ने अलग बुंदेलखंड राज्य के समर्थन में नारे लगाए।
विज्ञापन
मीडिया से बातचीत करते बृजभूषण राजपूत - फोटो : वीडिओ ग्रैब
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बुंदेलखंड इलाके को अलग राज्य बनाने की बरसों पुरानी मांग एक बार फिर गरमा गई है। महोबा जिले की चरखारी विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के फायरब्रांड विधायक बृजभूषण राजपूत ने शनिवार को उरई पहुंचकर अलग बुंदेलखंड राज्य की मांग को नए सिरे से मुखर कर दिया है।

विज्ञापन

उरई स्थित आवास पर समर्थकों और क्षेत्रवासियों से मुलाकात के दौरान न सिर्फ अलग राज्य के समर्थन में जमकर नारेबाजी हुई, बल्कि इस सुगबुगाहट को एक बड़े जन-आंदोलन में बदलने का संकल्प भी लिया गया। विधायक ने साफ किया कि बुंदेलखंड की उपेक्षा अब बर्दाश्त नहीं होगी और इस आंदोलन को गांव-गांव तक पहुंचाकर नई धार दी जाएगी।

विकास और रोजगार के लिए अलग राज्य जरूरी
मीडियाकर्मियों से औपचारिक बातचीत करते हुए चरखारी विधायक बृजभूषण राजपूत ने अलग बुंदेलखंड राज्य की वकालत करते हुए कई बड़े तर्क दिए। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड के समग्र और जमीनी विकास के लिए इसका अलग राज्य बनना अपरिहार्य हो चुका है।

मीडिया से बातचीत में विधायक ने कहा कि बुंदेलखंड के समग्र विकास, युवाओं को रोजगार, बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं और क्षेत्रीय समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए अलग बुंदेलखंड राज्य का गठन जरूरी है। उन्होंने कहा कि यह केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि क्षेत्र के भविष्य और विकास से जुड़ा जनहित का विषय है।

बृजभूषण राजपूत ने बताया कि वह पिछले करीब 15 वर्षों से अलग बुंदेलखंड राज्य की मांग उठाते आ रहे हैं। अब इस जनभावना को गांव-गांव तक पहुंचाकर आंदोलन को और मजबूत किया जाएगा, ताकि क्षेत्र की आवाज शासन तक प्रभावी ढंग से पहुंच सके।

उन्होंने कहा कि उनके पिता एवं पूर्व सांसद गंगाचरण राजपूत ने भी बुंदेलखंड के हितों के लिए लंबे समय तक संघर्ष किया था। उसी विरासत को आगे बढ़ाते हुए वह इस अभियान को नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ाएंगे।
विज्ञापन

हालांकि, अलग बुंदेलखंड राज्य के गठन को लेकर केंद्र या उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। यह मांग लंबे समय से विभिन्न सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों द्वारा समय-समय पर उठाई जाती रही है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें