लगातार खून बहने से बिगड़ी थी हालत
डिलीवरी हो गई। लेकिन, ढंग से नाड़ नहीं बांधी गई। बेटी हुई थी, उसे भी ढंग से नहीं देखा और उसकी मौत हो गई। इसके बाद लगातार खून बहते रहने से अनीता की हालत बिगड़ने लगी। रेफर किए जाने पर जब हैलट के जच्चा-बच्चा अस्पताल पहुंचे तो, वहां इमरजेंसी में डॉक्टरों ने तुरंत खून लाने के लिए कहा।
प्रसव के बाद नाड़ में क्लिप नहीं लगाई गई
वह खून एक्सचेंज में खून के लिए चले गए। खून लेकर लौटे, तो डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि मौत हो चुकी है। अनीता की सास राममूर्ति ने बताया कि प्रसव के बाद नाड़ में क्लिप नहीं लगाई गई और रेफर कर दिया गया। जच्चा को हैलट ले जाते समय रास्ते भर रक्तस्राव होता रहा।
स्त्री रोग विशेषज्ञ कहां रात भर रहती है
सीएचसी अधीक्षक डॉ. राजेश सिंह ने बताया कि डॉ. नीलेश इमरजेंसी ड्यूटी पर थे। स्त्री रोग विशेषज्ञ कहां रात भर रहती है? ऑन कॉल रहती हैं। दूसरी महिला डॉक्टर एमबीबीएस है। गर्भवती के आने पर इमरजेंसी डॉक्टर ही देखते हैं। सीएचसी पर एनआईसीयू है नहीं, प्रिमेच्योर बच्चा था। हैलट रेफर कर दिया था। जच्चा को भी हैलट रेफर किया गया था।
क्यों लापरवाही हुई, जानकारी लेंगे
डॉ. आलोक रंजन, सीएमओ कानपुर नगर ने बताया कि बिधनू में दो महिला डॉक्टर हैं। एक सर्जन हैं और एक स्त्री रोग विशेषज्ञ हैं। प्रसूता के मामले में क्यों लापरवाही हुई। इसकी जानकारी लेंगे। इसके बाद अगली कार्रवाई करेंगे।