विश्वविद्यालयों की फर्जी डिग्री-मार्कशीट बेचने वालों की दुकान जल्द ही बंद हो जाएगी। इसे रोकने के लिए राज्यपाल राम नाईक ने प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों को आदेश दिया था। रविवार को कानपुर के छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) की कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता ने लखनऊ में आयोजित कुलपति सम्मेलन में इसकी विस्तृत रिपोर्ट पेश की।
उन्होंने बताया कि इस तरह के फर्जीवाड़े को रोकने के लिए सीएसजेएमयू की स्थापना से लेकर अभी तक के सभी छात्रों की शैक्षिक जानकारी ऑनलाइन की जा रही है। इस पर काम शुरू हो गया है। वहीं हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एचबीटीयू) और चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) प्रशासन ने भी राज्यपाल को सभी छात्रों के दस्तावेज ऑनलाइन करने की जानकारी दी।
राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों को अपने खर्चे वहन करने के लिए परीक्षा शुल्क में बढ़ोतरी का भी आदेश दिया है जिसे सीएसजेएमयू में पहले ही लागू किया जा चुका है। इसके अलावा उन्होंने राज्य विश्वविद्यालयों को इनकम टैक्स के दायरे से बाहर करने के लिए केंद्र सरकार से वार्ता करने की बात कही। सीएसजेएमयू में 11 सितंबर को दीक्षांत समारोह कराने पर भी सहमति बन गई।
शिक्षकों, कर्मचारियों की भर्ती को हरी झंडी जल्द
बैठक में राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों में शिक्षकों, कर्मचारियों की रिक्तियों को भरने के लिए कहा तो कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता, प्रो. सुशील सोलोमन व अन्य विश्वविद्यालयों के कुलपतियों ने प्रदेश सरकार की अनुमति मिलने में हो रही देरी का जिक्र किया। राज्यपाल ने कहा कि वह खुद इस मसले पर शासन को पत्र भेजकर जल्द ही भर्ती प्रक्रिया शुरू कराने का आदेश जारी करवाएंगे।
छात्रों का ज्यादा से ज्यादा हो प्लेसमेंट
राज्यपाल ने सीएसजेएमयू, सीएसए और एचबीटीयू के कुलपतियों को निर्देश दिया कि विश्वविद्यालय में प्लेसमेंट और स्टार्टअप को बढ़ावा दिया जाए। ज्यादा से ज्यादा छात्रों का प्लेसमेंट होना चाहिए।
ये भी दिए निर्देश
- नकलविहीन परीक्षाएं कराने के लिए अभी से तैयारी शुरू करें।
- ई-गवर्नेंस पर पूरा ध्यान दें।
- एडमिशन तय समय पर कराएं और कक्षाएं भी तय समय पर शुरू हों।
- परीक्षा कराने और रिजल्ट जारी करने में देरी नहीं होनी चाहिए।
नैक मूल्यांकन, रिसर्च पर विवि की तारीफ
नैक मूल्यांकन को लेकर कॉलेजों को प्रशिक्षित किए जाने की बात पर राज्यपाल राम नाईक ने खुशी जताई। उन्होंने कहा कि सीएसजेएमयू का यह तरीका बाकी विश्वविद्यालयों में भी लागू होना चाहिए। प्रदेश के सभी कॉलेजों, विश्वविद्यालयों को नैक मूल्यांकन कराना जरूरी है। इसी तरह शोध कार्यों को बढ़ावा देने के लिए भी सीएसजेएमयू ने कई बड़े संस्थानों से समझौता किया है और रिसर्च छात्रों को स्कॉलरशिप भी दी जा रही है। इसकी भी राज्यपाल राम नाईक ने तारीफ की।