डिफेंस कॉरिडोर परियोजना को आगे बढ़ाने के मकसद से कानपुर शहर में बुधवार को यूपी डिफेंस एक्सपो-2018 का भव्य आगाज होने जा रहा है। तीन दिन चलने वाला यह आयोजन रक्षा और प्रतिरक्षा उत्पाद बनाने वाले शहर के उद्यमियों के लिए नई राहें खोलेगा। उद्यमियों का कहना है कि शहर के औद्योगिक विकास की राह में यह मील का पत्थर साबित हो सकता है। यह परियोजना यदि सही दिशा में आगे बढ़ी तो हजारों करोड़ रुपये की औद्योगिक इकाइयां अस्तित्व में आ सकती हैं।
सीएसए परिसर में आयोजित इस एक्सपो का शुभारंभ प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना दोपहर 12:30 बजे करेंगे। इसमें मुख्य सचिव व औद्योगिक विकास आयुक्त डॉ. अनूप चंद्र पांडेय, यूपीडा के सीईओ, अवनीश अवस्थी मौजूद रहेंगे। आईआईए के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील वैश्य ने बताया कि समूचा आयोजन प्रतिदिन दो हिस्सों में होगा। एक तरफ सेना में इस्तेमाल हो रहे और उद्यमियों की ओर से बनाए जा रहे रक्षा और प्रतिरक्षा उत्पादों की प्रदर्शनी होगी। दूसरी तरफ उद्यमियों, परियोजना के अधिकारियों और रक्षा उत्पाद बनाने के विशेषज्ञों के बीच संवाद सत्र होगा।
उद्यमियों को बताया जाएगा कि रक्षा क्षेत्र में किस तरह की चीजें इस्तेमाल होती हैं। देश में इसकी कितनी आपूर्ति हो पा रही है। भविष्य में लघु उद्यमियों के लिए कितना बड़ा बाजार तैयार हो सकता है। डिफेंस कॉरिडोर परियोजना उन्हें किस तरह से लाभ पहुंचा सकती है। खास बात ये है कि इस आयोजन में कानपुर और कानपुर के उद्यमियों को प्राथमिकता दी जा रही है। सेना के अलावा अधिकतर स्टॉल शहर के उद्यमियों के ही होंगे। रक्षा विशेषज्ञ इन उपकरणों को परखेंगे कि यहां किस तरह की क्षमता विकसित करने की जरूरत है।
डेमो पिक
एमओयू भी हो सकते हैं
डिफेंस एक्सपो में कानपुर के ही उद्यमियों पर अधिक फोकस किया जा रहा है, क्योंकि यहां पहले से ही निजी कंपनियां रक्षा और प्रतिरक्षा उत्पादों का निर्माण कर रही हैं। माना जा रहा है कि डिफेंस एक्सपो में कुछ उद्यमी निवेश का एमओयू भी प्रदेश सरकार के साथ साइन कर सकते हैं। कई ऐसे वेंडर हैं जो सेना को विभिन्न तरह के उपकरणों एवं वस्तुओं की आपूर्ति कर रहे हैं। वे अब निर्माण के क्षेत्र में हाथ आजमा सकते हैं।
तैयारियों का जायजा लिया
आईआईए के पदाधिकारियों, जिला प्रशासन व पुलिस के अधिकारियों ने मंगलवार को तैयारियों का जायजा लिया। स्टॉलों को अंतिम रूप दिया गया। समाचार लिखे जाने तक 170 स्टॉल तैयार हो चुके थे।
एमकेयू का दुनिया में नाम
रक्षा उत्पाद बनाने के मामले में निजी कंपनी मनोज कुमार उद्योग (एमकेयू) ने दुनिया में शहर का नाम रोशन किया है। कंपनी के बिजनेस डेवलपमेंट ऑफिसर बताते हैं कि एमकेयू दुनिया के सौ से ज्यादा देशों की 230 सेनाओं को विभिन्न तरह के रक्षा उत्पाद उपलब्ध कराती है। इनमें सर्विलांस उपकरण, नाइट विजन चश्मे और दूरबीन, बुलेटप्रूफ जैकेट, आंतरिक सुरक्षा कवच, प्रमुख हैं। अपने उत्पादों की बदौलत प्रतिरक्षा उत्पाद बनाने वाली सरकारी कंपनियों को भी मात देती है। करीब दो हजार करोड़ के टर्नओवर वाली इस कंपनी में तैयार रक्षा उत्पादों की गुणवत्ता विश्व विख्यात है। इसी को ध्यान में रखते हुए भारतीय सेना से भी निजी कंपनी को ऑर्डर मिलते हैं।