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37 वर्ष बाद आया छह हजार रुपये गबन करने के मामले में फैसला, ग्राम पंचायत सचिव को तीन साल की सजा

Thu, 03 Oct 2019 11:48 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा यूपी डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद
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कोर्ट ने सुनाया फैसला - फोटो : अमर उजाला
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फर्रुखाबाद जिले में 37 वर्ष पहले नवाबगंज ब्लाक में कुआं के निर्माण के लिए आवंटित छह हजार रुपये तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव लेकर फरार हो गया था। इस पर तत्कालीन बीडीओ ने गबन का मुकदमा दर्ज कराया था। एसीजेएम ने इस प्रकरण में गुरुवार को सचिव को तीन वर्ष की सजा सुनाई।
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साथ ही तीन हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। ग्राम पंचायत सचिव एडीओ पद से करीब 15 वर्ष पूर्व कन्नौज जनपद से सेवानिवृत्त हो गए थे। नवाबगंज ब्लाक के तत्कालीन बीडीओ हरस्वरूप नरायण दीक्षित ने 30 अप्रैल 1982 शमसाबाद थाना क्षेत्र के गांव रजलामई निवासी ग्राम पंचायत सचिव अहिवरन सिंह जाटव के खिलाफ छह हजार रुपये गबन का मुकदमा दर्ज कराया था।
 
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इसमें आरोप लगाया कि अहिवरन सिंह को ब्लाक परिसर में कुआं निर्माण के लिए छह हजार रुपये का बजट आवंटित किया गया था। ग्राम पंचायत सचिव बिना सूचना के छह हजार रुपये लेकर गायब हो गया। इस मामले में ब्लाक की ओर तीन बार पत्राचार भी किया गया, लेकिन ग्राम पंचायत सचिव की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया।

विवेचक ने गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। मुकदमे की सुनवाई एसीजेएम की कोर्ट में चल रही थी। गुरुवार को एसीजेएम विनीता सिंह ने गबन के मामले में साक्ष्यों के आधार पर आरोपी ग्राम पंचायत सचिव अहिवरन सिंह को दोषी करार दिया।

उन्होंने आरोपी को तीन वर्ष की सजा व तीन हजार रुपये जुर्माना जमा करने के आदेश दिया है। जुर्माना न देने पर आरेपी को तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। आरोपी की जेल में बिताई अवधि को सजा में समायोजित करने के आदेश दिए हैं। 
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