फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जंगली जानवर के हमले से युवक की मौत

विज्ञापन
गीली मिट्टी में बने जंगली जानवर के पद चिह्न। - फोटो : PUKHRANYA
विज्ञापन
पुखरायां (कानपुर देहात)। क्षेत्र के विदखुरी गांव निवासी युवक की जंगली जानवर के हमले से मौत हो गई। युवक का शव अकोढ़ी गांव की सड़क पर पड़ा था। जंगली जानवर ने युवक के चेहरे और गले से मांस नोंचा है। गुरुवार सुबह जानकारी पर परिजन पहुंचे तो बिलख उठे।
विज्ञापन

पुलिस ने मृतक के बड़े भाई की सूचना पर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। शव के पास गीली मिट्टी में जंगली जानवर के पद चिह्न मिले हैं।
भोगनीपुर क्षेत्र के विदखुरी गांव निवासी अनिल कश्यप (32) गुरुवार भोर में खेत में पानी लगाने गया। सुबह अनिल का शव सड़क किनारे देखकर ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। अनिल के चेहरे और गर्दन का मांस जंगली जानवर ने नोंच डाला था। मौके पर पहुंचे भोगनीपुर कोतवाल रामबहादुर पाल ने बताया कि किसी जंगली जानवर ने हमला किया है। मृतक के भाई पुत्तीलाल ने बताया कि अनिल छोटा था। गुरुवार भोर में खेत में पानी लगाने आया था।
शव देखकर प्रतीत होता है कि जानवर के हमले से बचाने के लिए वह सड़क की ओर भागा है। घटना से पत्नी संगीता देवी, मां सरवती, भाई पुत्तीलाल, संतोष व रतन रोकर बुरा हाल हो गया। मृतक के बेटे सूरज(4), लवकुश (2) व राम (एक) हैं। परिजन किसानी और मजदूरी करते हैं। कोतवाल ने बताया कि मृतक के बड़े भाई की तहरीर पर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
विज्ञापन

युवक की मौत जंगली जानवर के हमले से हुई है। मृतक के गले और चेहरे से मांस नोचने के निशान बने हैं। गांवों के लोगों को दहशतजदा होने की जरूरत नहीं है। पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम कांबिंग करेंगी। जिससे अब जंगली जानवर हमला न कर सके। वह जंगली जानवर क्या है इसका पता भी लगाया जा सके।
- घनश्याम चौरसिया, एएसपी
जंगली जानवर के हमले से दहशत में लोग
पुखरायां। जंगली जानवर से युवक की मौत होने के बाद आसपास गांवों के लोग दहशत में हैं। किसानों का कहना है कि रात में खेतों में पानी लगाना जान को खतरे में डालना है। रात में किसी बड़े जंगली जानवर को देखा जा चुका है।
क्षेत्र के अकोढ़ी, विदखुरी, विदखुरी की मडैयां, सुखसौरा, विजय सिंहपुर गांवों के खेतों में मक्का की फसल के समय एक बड़ा जंगली जानवर देखा गया था। जो मचानों तक पर उछाल मारने का प्रयास करता था। जंगली जानवर से बचाव के लिए किसान आग जलाकर व पटाखे की आवाज करते हैं। समूह बनाकर खदेड़ने पर भागता था। मक्का की फसल कटने के बाद नहीं दिखाई दिया।
लेकिन गुरुवार को हुई इस घटना से किसानों में फिर से डर बन गया है। प्रमोद त्रिपाठी, अखिलेश कश्यप, शिवप्रसाद, श्रीकृष्ण ग्रामीणों का कहना है कि अब रात में पानी लगाना जान जोखिम में डालना है। दिन में भी अकेले खेतों में नहीं जाना चाहिए। सुरक्षा के उपाय करके ही खेतों में जाना होगा।
वन विभाग के रेंजर छेदालाल ने बताया कि क्षेत्र में किसी जंगली जानवर के होने की जानकारी नहीं है। घटना के संबंध में भी जानकारी नहीं मिली है। वह पता कराएंगे।

अनिल कश्यप का फाइल फोटो।- फोटो : PUKHRANYA

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें