धर्म-वीर की जोड़ी कहलाने वाली दो दोस्तों की 'दोस्ती की दास्तां' आज रेल के पहियों तले कुचल गई। दोनों के बीच इतनी पक्की दोस्ती थी कि मरते दम तक दोनों ने एक-दूसरे का साथ नहीं छोड़ा।
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इनकी दोस्ती के चर्चे फैले थे दूर-दूर तक
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संत कुमार और रवि की मौत की खबर मिलने पर घटनास्थल पर दौड़ते दौड़ते पहुंचे परिवार वाले
- फोटो : अमर उजाला
इन दोनों की दोस्ती के चर्चे दूर-दूर तक थे। मशहूर होने का बढ़ा कारण था, दोनों के बीच उम्र का अंतर। एक की उम्र 50 साल थी तो दूजा उसकी उम्र का आधा यानी 25 साल का... परीचित इन्हें टोकते रहते थे कि बेटा अपनी हमउम्र के लोगों से दोस्ती मेलजोल ठीक है। लेकिन दोनों ने कभी किसी की नहीं सुनी और दोनों के बीच दोस्ती हमेशा कायम रही। यही वजह है शायद कि मरते दम तक इन्हें कोई जुदा न कर सका।
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दोनों दोस्तों का घर था आमने-सामने
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मृतक संत कुमार और रवि की लाश को घेर कर खड़ी भीड़
- फोटो : अमर उजाला
औरैया के दिबियापुर थानाक्षेत्र में शास्त्री नगर के रहने वाले संत कुमार(50) और रवि(25) के बीच घनिष्ठ मित्रता थी। दोनों का घर आमने-सामने ही है। जब भी कहीं जाना होता तो दोनो साथ ही निकलते थे।
दोनों दोस्त जहां जाते थे साथ जाते थे
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रोते बिलखते परिवार वाले
- फोटो : अमर उजाला
मंगलवार सुबह भी दोनों एकसाथ निकले। दोनों दिबियापुर रेलवे क्रॉसिंग से गुजर रहे थे संत कुमार थोड़ा आगे बढ़ गया था जबकि रवि थोड़े ही फांसले पर पीछे चल रहा था। रवि ने देखा पीछे से शताब्दी ट्रेन बड़ी तेजी से आ रही है और संत कुमार का ध्यान कहीं और है। वह फौरन संत कुमार की और लपका और उसे झटककर पीछे करने की कोशिश की। लेकिन तब तक ट्रेन बहुत पास आ चुकी थी।
खून से लथपथ होने के बावजूद पहचानने में नहीं लगा एक मिनट
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दोनों की मौत पर परिवार गहरे सदमें में
- फोटो : अमर उजाला
दोनों ट्रेन की चपेट में आ गए। हादसे के तुरंत बाद वहां भीड़ जमा हो गई। देखा तो दोनों में सांस बाकी नहीं बची थी। खून से लथपथ होने के बावजूद दोनों को पहचानने में लोगों ने एक मिनट नहीं लगाया। इसके बाद ट्रेन के ड्राइवर की सूचना पाकर मौके पर जीआरपी पहुंच गई और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। साथ ही लोगों से मिली सूचना के आधार पर दोनों के घरवालों को सूचित कर दिया।