यूपी के फतेहपुर जिले में बिंदकी के खजुआ ब्लाक के मड़रांव गांव में मासूम दो जुड़वा बहनों की शनिवार की सुबह संदिग्ध हालात में मौत हो गई। दोनों गांव के ही स्कूल में एलकेजी की छात्रा थीं। परिजनों का आरोप है कि राष्ट्रीय कृमि दिवस पर स्कूल में बच्चियों को पेट के कीड़े मारने की दवा (एल्बेंडाजोल) दी गई थी। दवा खाने के बाद दोनों की तबियत खराब हो गई। शनिवार सुबह जिला अस्पताल ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई। परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार भी कर दिया।
उधर, सीएमओ डा. एके अग्रवाल ने बताया कि जांच में स्पष्ट हुआ है कि स्कूल में छह वर्ष के नीचे किसी भी बच्चे को अल्बेंडाजोल दवा नहीं खिलाई गई। जुड़वां बच्चियों को उल्टी-दस्त की वजह और ही है। समय से इलाज न मिलने के कारण उनकी मौत हो गई। डीएम आंजनेय कुमार सिंह का कहना है कि जांच में पता चला है कि बच्चियां एक सप्ताह पहले से बीमार थीं। एल्बेंडाजोल इन्हें स्कूल में नहीं दी गई।
गांव निवासी सुधीर पाल मुंबई में ट्रक ड्राइवर है। सुधीर के एक बेटा शिवा और जुड़वा बेटियां पांच वर्षीय श्रेया और सृष्टि थीं। दोनों गांव के ही कल्ला सिंह सरस्वती बाल विद्या मंदिर में एलकेजी की छात्रा थीं। परिजनों के अनुसार शुक्रवार को स्कूल में बच्चों को अल्बेंडाजोल की खुराक दी गई थी। बच्चियां घर पहुंची तो सब ठीक था।