डेढ़ माह पहले होटल संचालक ने किसान को तहसील ले जाकर शराब के नशे में पत्नी के नाम जमीन का बैनामा करा लिया। नशा उतरने के बाद किसान ने इसका विरोध शुरू कर दिया। होटल संचालक ने परिजनों और लोगों के कहने पर जमीन वापस नहीं की। आरोप है कि किसान को शराब में जहर पिला दिया। इससे मौत हो गई। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
चपुन्ना चौकी के ग्राम नगरिया लालसहाय निवासी उमाकांत अग्निहोत्री का पड़ोसी गांव नगला धरमाई में रहने वाले होटल संचालक विनोद यादव के यहां आना-जाना था। भतीजे विपिन का आरोप है कि विनोद ने 12 अप्रैल को चाचा उमाकांत को शराब के नशे में तहसील ले जाकर जमीन का बैनामा पत्नी पूनम के नाम करा लिया। नशा उतरने पर चाचा ने बैनामा वापस करने के लिए कहा। परिजनों के अलावा गांव के लोगों ने भी इसके लिए दबाव बनाया।
इस पर विनोद ने मंगलवार की शाम चाचा उमाकांत को होटल पर बुलाकर शराब में जहर मिलाकर पिला दिया। इससे चाचा की हालत बिगड़ गई। घर पहुंचने पर परिजनों ने निजी चिकित्सक के यहां भर्ती कराया। यहां मौत हो गई। भतीजे विपिन ने होटल संचालक पर शराब में जहर देकर मारने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं विनोद यादव पक्ष का कहना है कि उन पर अनर्गल आरोप लगाया जा रहा है। सीओ शिव कुमार थापा का कहना है कि रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।