पानी की बाल्टी में औंधे मुंह पड़ा था राघव
घर के बाहर एक बड़ा टेंट लगाया गया था। रविवार को सभी रिश्तेदारों के जाने के बाद घर में साफ सफाई का काम चल रहा था। अंजनी बेटे राघव को पहली मंजिल वाले कमरे में खिला रही थी। अंजनी झाडू़ लेकर दूसरे कमरे में सफाई करने चली गई। काम खत्म करने के बाद वह लौटी, तो राघव कमरे में नहीं दिखा। आसपास के अन्य कमरों में ढूंढने के बाद वह बाथरूम के पास पहुंची, तो राघव पानी की बाल्टी में औंधे मुंह पड़ा था।
रिश्तेदार और आसपास के लोग पहुंच गए थे
अंजनी चीखते हुए बच्चे को लेकर के नीचे की ओर भागी। परिवार के बाकी लोग राघव को कल्याणपुर के निजी अस्पताल में गए। वहां से हृदय रोग संस्थान पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना पर बड़ी संख्या में रिश्तेदार और आसपास के लोग राहुल के घर पहुंच गए। इनमें अधिकांश वो लोग थे, जो शनिवार को पार्टी में शामिल होने के आए थे।
मां बोली- मैंने क्यों अकेला छोड़ा
डॉक्टरों के मासूम को मृत घोषित करते ही मां अंजनी जोर-जोर से माथा पीटने लगी। रोते हुए बस एक ही बात के लिए खुद को कोसती रहीं कि मैं क्यों उसको अकेला छोड़ कर चली गई। हमारी मति मारी गई थी। परिजनों ने कहा कि घटना से पहले तक कभी भी राघव को अकेले नहीं छोड़ते थे। कहीं जाते थे, तो राघव को पहले वॉकर में बिठाकर जाते थे। अंजनी को ऐसे रोते देख वहां खड़ा हर कोई अपने आंसू नहीं रोक सका।
पापा-पापा कहने लगा था बेटा
हादसे के बाद मासूम की मौत से गमगीन पिता राहुल बेटे के शव के पास देर तक बैठे रहे। उन्होंने कहा कि बेटा पापा-पापा बोलने लगा था। चलने भी लगा था और इतना कहकर रोने लगे।
पहले भी हो चुके हैं हादसे
- काकादेव राजापुरवा बस्ती निवासी संजय श्रीवास्तव के आठ माह के बेटे रेयांश की बाल्टी भरे पानी में डूबकर मौत।
- घाटमपुर निवासी गोविंद नगर निवासी प्राची अपने मायके आई हुई थी उनका डेढ़ साल का बेटा सूर्यांश बाथरूम में भरी बाल्टी में डूब गया।