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11 महीने के बच्चे की मौत: पिता बोले- अभी तो उसने चलने शुरू किया था, पापा-पापा कहता फिरता; मां खुद को कोस रही

Tue, 11 Feb 2025 09:20 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: मां अंजनी जोर-जोर से माथा पीटती रहीं। रोते हुए बस एक ही बात के लिए खुद को कोसती रहीं कि मैं क्यों उसको अकेला छोड़ कर चली गई। हमारी मति मारी गई थी। वहीं, पिता ने कहा कि बेटा पापा-पापा बोलने लगा था। चलने भी लगा था।
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11 महीने के बच्चे की मौत का मामला - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानपुर में कल्याणपुर के आवास विकास नंबर तीन में रविवार को एक दिल दहला देने वाली घटना घट गई। यहां एक दुकान में काम करने वाले युवक का 11 माह का बेटा घर में पानी भरी बाल्टी में गिरकर डूब गया। हादसे के वक्त मासूम की मां पास में ही झाड़ू लगा रही थी। पुलिस ने मौका मुआयना करने के बाद शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।

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कल्याणपुर के आवास विकास तीन निवासी राहुल कुमार गुमटी नंबर-पांच स्थित एक रेडीमेड कपड़ों की दुकान में काम करते हैं। परिवार में पत्नी अंजनी, बड़ा बेटा अयांश, छोटा बेटा राघव (11 माह) था। ताई पूजा ने बताया कि शनिवार को राघव के साल भीतर होने वाली पूजा के चलते घर में एक बड़ी पार्टी रखी गई थी। परिवार के सभी रिश्तेदारों को भी बुलाया गया था।

पानी की बाल्टी में औंधे मुंह पड़ा था राघव
घर के बाहर एक बड़ा टेंट लगाया गया था। रविवार को सभी रिश्तेदारों के जाने के बाद घर में साफ सफाई का काम चल रहा था। अंजनी बेटे राघव को पहली मंजिल वाले कमरे में खिला रही थी। अंजनी झाडू़ लेकर दूसरे कमरे में सफाई करने चली गई। काम खत्म करने के बाद वह लौटी, तो राघव कमरे में नहीं दिखा। आसपास के अन्य कमरों में ढूंढने के बाद वह बाथरूम के पास पहुंची, तो राघव पानी की बाल्टी में औंधे मुंह पड़ा था।

रिश्तेदार और आसपास के लोग पहुंच गए थे
अंजनी चीखते हुए बच्चे को लेकर के नीचे की ओर भागी। परिवार के बाकी लोग राघव को कल्याणपुर के निजी अस्पताल में गए। वहां से हृदय रोग संस्थान पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना पर बड़ी संख्या में रिश्तेदार और आसपास के लोग राहुल के घर पहुंच गए। इनमें अधिकांश वो लोग थे, जो शनिवार को पार्टी में शामिल होने के आए थे।

मां बोली- मैंने क्यों अकेला छोड़ा
डॉक्टरों के मासूम को मृत घोषित करते ही मां अंजनी जोर-जोर से माथा पीटने लगी। रोते हुए बस एक ही बात के लिए खुद को कोसती रहीं कि मैं क्यों उसको अकेला छोड़ कर चली गई। हमारी मति मारी गई थी। परिजनों ने कहा कि घटना से पहले तक कभी भी राघव को अकेले नहीं छोड़ते थे। कहीं जाते थे, तो राघव को पहले वॉकर में बिठाकर जाते थे। अंजनी को ऐसे रोते देख वहां खड़ा हर कोई अपने आंसू नहीं रोक सका।

पापा-पापा कहने लगा था बेटा
हादसे के बाद मासूम की मौत से गमगीन पिता राहुल बेटे के शव के पास देर तक बैठे रहे। उन्होंने कहा कि बेटा पापा-पापा बोलने लगा था। चलने भी लगा था और इतना कहकर रोने लगे।

पहले भी हो चुके हैं हादसे
  • काकादेव राजापुरवा बस्ती निवासी संजय श्रीवास्तव के आठ माह के बेटे रेयांश की बाल्टी भरे पानी में डूबकर मौत।
  • घाटमपुर निवासी गोविंद नगर निवासी प्राची अपने मायके आई हुई थी उनका डेढ़ साल का बेटा सूर्यांश बाथरूम में भरी बाल्टी में डूब गया।
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घर में छोटे बच्चे हों तो बरतें ये सावधानियां

  • बाल्टी या अन्य किसी बड़े बर्तन में पानी स्टोर न करें
  • अगर पानी स्टोर ही करना है तो उस एरिया को कवर कर दें ताकि वहां बच्चा न पहुंच सके।
  • अगर बच्चा पानी या आग के आसपास खेल रहा है, तो उस पर लगातार नजर रखें।
  • बच्चे को आग और पानी की ओर न जानें दे।
  • बाथरूम का दरवाजा लॉक करके रखें।
  • कोशिश करें कि घर में कटे हुए बिजली के तार न हों, इनसे बच्चे को करंट लग सकता है।
  • सीढ़ियों की ओर जाने वाले रास्ते और बालकनी को कवर करके रखें ताकि बच्चा उस ओर न जाए।
  • बालकनी में कुर्सी या टेबल आदि न रखें। बच्चे उस पर चढ़कर नीचे गिर सकते हैं और ग्रिल में अधिक स्पेस है तो उसे रस्सी या तारों से कवर कर दें।
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