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शोभन सरकार ब्रह्मलीन, उमड़ा जन सैलाब

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कानपुर नगर के चौबेपुर में सुनौढ़ा आश्रम में रोते-बिलखते जाते शोभन सरकार के अनुयायी। संवाद - फोटो : DEHAT
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कानपुर देहात/शिवली/चौबेपुर। प्रसिद्ध शोभन हनुमान मंदिर के महंत विरक्तानंद जी महाराज (70) बुधवार भोर पहर पांच बजे ब्रह्मलीन हो गए। वह शोभन सरकार के नाम से प्रसिद्ध थे। एक सप्ताह से अस्वस्थ चल रहे थे। उनके अंतिम दर्शन के लिए आश्रम में भारी संख्या में अनुयायी उमड़ पड़े। रोते-बिलखते अनुयायियों ने अंतिम विदाई दी। समाधि के लिए कार से उनका पार्थिव शरीर कानपुर नगर के चौबेपुर के सुनौड़ा आश्रम ले जाया गया। भीड़ नियंत्रित करने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
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शोभन सरकार के अति करीबी पवन तनय आश्रम कडनी के महंत गोपालानंद महाराज ने बताया कि शोभन सरकार को डायबिटीज थी। वह एक सप्ताह से अत्यधिक अस्वस्थ थे। उनका आश्रम में ही उपचार चल रहा था। वह जड़ी बूटी वाली दवाओं में अधिक विश्वास करते थे। बुधवार पांच बजे शोभन सरकार ने अंतिम सांस ली। महाराज के अंतिम दर्शन के लिए दूर-दराज से लोग आ गए। उनका पार्थिव शरीर चौबेपुर आश्रम ले जाने के दौरान गाड़ियों का काफिला निकला।
भीड़ को नियंत्रित कर सामाजिक दूरी का पालन कराने के लिए कई थानों की पुलिस फोर्स लगी थी। सुबह 8.30 पार्थिव शरीर को रथ से शोभन आश्रम के मंदिरों की अंतिम परिक्रमा कराई गई। इसके बाद 10.30 बजे संत ओम बाबा, महंत गोपालानंद, सांसद भोले सिंह, चेयरमैन अवधेश शुक्ला पार्थिव शरीर लेकर चौबेपुर में गंगा तट पर बने सुनौड़ा आश्रम गए। चौबेपुर स्थित सुनौड़ा आश्रम में बुधवार दोपहर 12 बजे हजारों वाहनों, अनुयायियों की भीड़ पार्थिव शरीर के साथ पहुंचे।
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अंतिम दर्शन के लिए कानपुर नगर, कानपुर देहात, उन्नाव सहित कई अन्य जिलों के अनुयायियों भी शामिल हुए। लॉकडाउन के कारण दूर-दराज इलाकों से आने वाले हजारों लोगों को पुलिस ने चौबेपुर बंदी माता मार्ग और बंसठी गांव के पास ही रोक दिया। एसपी आरए प्रदु्म्न सिंह, सीओ बिल्हौर देवेंद्र मिश्र ने समझाकर वापस भेजा। पुलिस की सख्ती देख अनुयायी इधर-उधर गाड़ियां खड़ी कर पैदल ही गंगा तटों की ओर चल दिए। अंतिम दर्शन के लिए उच्च शिक्षा एवं विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री नीलिमा कटियार, अकबरपुर सांसद देवेंद्र सिंह भोले, विधायक अमिताभ बाजपेई, विधायक सुरेंद्र मैथानी अंतिम दर्शन को पहुंचे।
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