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‘जुगाड़’ से बीएस-3 गाड़ियों को बेचने की फिराक में घूम रहे डीलर

Sun, 02 Apr 2017 12:41 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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डेमो पिक
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बीएस-3 वाहनों का अलग-अलग शहरों में करोड़ों रुपए का टैक्स शनिवार को आरटीओ दफ्तर में जमा हुआ। बाइकों के डीलर अभी भी बीएस-3 वाहनों को बेचने के जुगाड़ में है। इसके लिए उन लोगों ने आरटीओ से मैनुअल रसीद कटवाने की मांग की है। उन्होंने सर्वर डाउन होने का हवाला देकर यह मांग की है। हालांकि एआरटीओ के मना करने से अभी उनकी दाल नहीं गल पाई। इस पर अब वे आरटीओ से जुगाड़ भिड़ा रहे है। 
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सारे वाहन बिक चुके 
कानपुर शहर में पिछले दो दिन में गाड़ियों के शोरूम से बीएस-3 के सारे वाहन बिक चुके है। अब डीलर्स उनके रजिस्ट्रेशन के लिए आरटीओ के संपर्क कर रहे है। आरटीओ में वाहनों के रजिस्ट्रेशन के लिए ऑन लाइन व्यवस्था है, लेकिन शनिवार को वाहन डीलर्स ने एआरटीओ से मिलकर सर्वर डाउन होने का हवाला देकर गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन न होने की शिकायत करते हुए उसकी मैनुअल रसीद काटने की मांग की। जिसे एआरटीओ प्रभात कुमार ने फिलहाल मना कर दिया। 
चहेतो को रेवड़ी बांटने की छूट मिली
मुख्यालय ने 31 मार्च के पहले वाहन खरीदने का प्रमाण देने का अधिकार आरटीओ को दे दिया है। अब वे अपने विवेक के आधार पर प्रमाणित कर सकते है कि कौन सा वाहन 31 या उससे पहले खरीदा गया है। इससे अब उनको अपने चहेतों को रेवड़ी बांटने की छूट मिल गई है। 
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