ग्रामीणों के मुताबिक, गोशाला के संचालन के लिए हर माह लाखों रुपये का बजट आता है। इसके बावजूद मौके पर व्यवस्थाएं ठीक नहीं दिखाई दे रही हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कागजों में व्यवस्थाएं दुरुस्त दिखाई जा रही हैं, जबकि गोशाला परिसर में मृत गोवंशों के शव पड़े हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि गोशाला के लिए आने वाला चारा आखिर कहां जा रहा है।
बताया गया कि ग्राम प्रधान के निधन के बाद ग्राम पंचायत और गोशाला की जिम्मेदारी एडीओ पंचायत धर्मेंद्र पाल प्रशासक और ग्राम पंचायत सचिव कुलदीप कुमार के पास है। ग्रामीणों ने सचिव कुलदीप कुमार और संबंधित पशु चिकित्सक बंसराज पटेल पर लापरवाही बरतने और सरकारी धन के दुरुपयोग के आरोप लगाए हैं।
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने, मृत गोवंशों का पोस्टमार्टम कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वायरल वीडियो सामने आने के बाद अब प्रशासन की जांच और मौके की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार है।