जानकारी होने पर परिजन भी वहां पहुंच गए और आनंद की दो सोने की अंगूठियां व जंजीर और लगभग 10 हजार नगदी लूटकर उसकी हत्या कर शव फेंक दिए जाने का आरोप लगाया। जहां आनंद का शव पड़ा था उस सुनसान जगह पर सामने ही ब्रह्मदीन पाल का निर्माणाधीन मकान है जिसमें सिर्फ एक कमरा है।
पुलिस ने कमरे का दरवाजा खटखटाया तो कोई उत्तर नहीं मिला। मौके पर मौजूद एसपी ग्रामीण ओमवीर सिंह ने डॉग स्क्वॉड व फोरेंसिक टीम को बुलाया। इसके बाद कमरे का दरवाजा तोड़ा गया तो उसमें एक युवक चारपाई पर लेटा मिला जिसके कपड़ों में खून लगा था।
ग्रामीणों ने बताया कि यह ब्रह्मदीन का छोटा पुत्र श्याम जी पाल है जिसे पुलिस थाने ले गई। पुलिस का दावा है कि युवक ने गुनाह कबूल लिया है। सुनीता देवी की तहरीर पर पुलिस ने पकड़े गए श्याम जी पाल के विरुद्ध हत्या का मामला दर्ज किया है।
मृतक की पत्नी सुनीता के मुताबिक आनंद गले में 20 ग्राम वजन की सोने की जंजीर व दो अंगूठियां भी पहने हुआ था जो शव पर नहीं मिलीं। हमलावर आनंद की हत्या कर जंजीर व अंगूठी लूट ले गए। यह भी संभव है कि लूट का प्रयास असफल होने पर हमलावरों ने हत्या कर दी हो। यह जांच का विषय है।
हत्या के मामले की छानबीन की जा रही है और मौके से पकड़े गए श्याम जी ने हत्या कबूल की है। साथ शराब पीने के बाद हुए झगड़े के दौरान वारदात को अंजाम दिया गया। फावड़े से प्रहार कर हत्या की गई है। पत्नी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।- ओमवीर सिंह, एसपी ग्रामीण
बकेवर शराब ठेके से ब्लैक में खरीदी गई थी शराब
आनंद की हत्या में पकड़े गए श्याम जी से पुलिस की पूछताछ में ये बात सामने आई कि आनंद व श्याम जी ने एक साथ देर रात करीब 11 बजे बकेवर ठेके से शराब लाकर पी थी। उन्होंने दो क्वार्टर देशी शराब 200 रुपये में ब्लैक के दामों में खरीदी थी। इसमें से एक क्वार्टर आनंद ने अकेले ही पी ली थी। दूसरे क्वार्टर में दोनों ने आधी आधी पी और दोनों में झगड़ा होने लगा था। इस पर उसने आनंद की हत्या कर दी।
पिता की भी करीब 35 साल पहले हुई थी हत्या
सुनवर्षा में मारे गए आनंद कुमार पाल के पिता अमर सिंह पाल की भी करीब 35 साल पहले बकेवर में ही आपसी रंजिश को लेकर हत्या हुई थी। अमर सिंह की हत्या के मामले में उनके पड़ोस के ही लोग आरोपी थे। शुरुआती जांच में पुलिस इस पहलू पर भी नजर रखे हुए थी।