रसूलाबाद। सड़क हादसे में पिता पुत्र की मौत के मामले में पुलिस की ओर से कार्रवाई न करने का आरोप लगाकर परिवारीजनों ने रविवार को थाना परिसर में शव रखकर हंगामा किया। पुलिस ने समझाने का प्रयास किया, लेकिन परिजन नहीं माने। इस दौरान करीब डेढ़ घंटे हंगामा चलता रहा। इस पर सक्रिय हुई पुलिस ने टक्कर मारने वाले ट्रैक्टर को खोज निकाला। इसके बाद अधिकारियों ने जल्द आरोपी की गिरफ्तारी का भरोसा देकर परिजनों को शांत किया।
थाना मंगलपुर क्षेत्र के छतरसा गांव निवासी महावीर पाल (48) बेटे गौरव उर्फ विजय (20) के साथ बाइक से चार जून को याकूबपुर से घर जा रहा था। रसूलाबाद-झींझक रोड पर ट्रैक्टर ने बाइक में टक्कर मार दी। गंभीर रूप से घायल पिता पुत्र को अस्पताल में भर्ती कराया गया। तीन दिन बाद सात जून को बेटे गौरव ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। आठ जून को पुलिस ने भाई मोनू की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर ली।
हालांकि मामले में कार्रवाई अभी तक नहीं की। इधर, तीन जुलाई रात में पिता महावीर पाल ने भी उपचार के दौरान कानपुर के हैलट अस्पताल में दम तोड़ दिया। शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजन थाने लेकर पहुंच गए। वहां शव परिसर में रखकर हंगामा करने लगे। विवेचना कर रही एसआई सुमन पाल पर मामले में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया।
पुलिस ने हंगामा कर रहे परिजनों व अन्य को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह कार्रवाई की मांग पर अड़ गए और पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। करीब डेढ़ घंटे लोगों ने हंगामा किया। लोगों के हंगामे के बीच पुलिस टक्कर मारने वाले ट्रैक्टर को बरामद कर लिया और लोगों को समझाया कि जल्द आरोपी की गिरफ्तारी की जाएगी। इसके बाद परिजन शांत हो गए।
प्रभारी निरीक्षक प्रमोद कुमार शुक्ला ने परिजनों ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट न मिलने व कार्रवाई न होने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। सभी को कार्रवाई का भरोसा देते हुए शांत करा दिया गया है। ट्रैक्टर को बरामद कर लिया गया। आरोपी को जल्द पकड़ लिया जाएगा।
महिलाओं ने पुलिस कर्मियों से की धक्कामुक्की
थाने में शव रखकर हंगामा कर रही महिलाओं को समझाने के लिए थाने में तैनात महिला सिपाहियों ने जब बात करने का प्रयास किया तो आक्रोशित महिलाओं ने महिला सिपाहियों के साथ धक्कामुक्की कर दी। महिलाओं ने आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस में संवेदना खत्म हो चुकी है। एक परिवार में दो मौतों के बाद भी कार्रवाई नहीं की।