बांदा के नरैनी में खेत में बने नलकूप के कमरे में सो रही वृद्धा का शव सिर विहीन और क्षत-विक्षत अवस्था में मिला। मृतक के भतीजे ने अज्ञात लोगों द्वारा की गई हत्या की तहरीर पुलिस को दी है। उधर, पुलिस ने जंगली जानवरों के हमले से मौत की आशंका जताई है।
कालिंजर थाना क्षेत्र के रामसनेही का पुरवा (बरुआ कालिंजर) में कुंती देवी (75) पत्नी श्याम सुंदर लोध पिछले करीब 40 वर्षों से यहां अपने मायके में रह रही थी। अपने भाई रामकिशोर राजपूत के खेत में लगे ट्यूबवेल में सोती थी। सोमवार की रात भी वह इसी कमरे में सोई थी।
मंगलवार को सुबह उसकी पुत्रवधू कलावती उसे खाना लेकर ट्यूबवेल पहुंची तो कुंती का खून से लथपथ शव पलंग के नीचे पड़ा था। सिर गायब और शरीर के अगला हिस्सा क्षत-विक्षत था। कलावती की चीख सुनकर आसपास के किसान और परिजन आ गए।
कुछ ही देर बाद क्षेत्राधिकारी राघवेंद्र सिंह और नरैनी कोतवाली प्रभारी गिरेंद्र सिंह तथा कालिंजर थानाध्यक्ष रामआश्रय सिंह मौके पर पहुंच गए और परिजनों व आसपास के लोगों से पूछताछ की। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। उधर, मृतका के भतीजे कृपा सागर पुत्र रामकिशोर ने कालिंजर थाने में तहरीर देकर अज्ञात लोगों द्वारा हत्या का आरोप लगाया है।
कालिंजर थानाध्यक्ष का कहना है कि ऐसा प्रतीत हो रहा है कि जंगली जानवर के हमले में मौत हुई है। जानवरों ने ही शव को नुकसान पहुंचाया है। थानाध्यक्ष ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत की वजह का पता चल जाएगा। उसी के बाद अगली कार्रवाई की जाएगी।
पति के छोड़ने पर रह रही थी मायके में
मृतका कुंती की शादी नौहाई गांव के श्याम सुंदर लोध से हुई थी, लेकिन करीब 40 वर्षों पूर्व श्याम सुंदर ने दूसरी शादी कर ली। इस पर कुंती ससुराल से मायके बरुआ कालिंजर आ गई और अपने भाई रामकिशोर के साथ रह रही थी। कुछ दिन बाद दूसरी शादी कर ली, लेकिन दूसरे पति की भी मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक पति से उसका जमीन विवाद भी चलता रहा। कोर्ट के आदेश पर कुंती को पति की जमीन से हिस्सा मिला था।