मंदिर परिसर व ट्रैफिक व्यवस्था का लिया जायजा
डीसीपी सत्यजीत गुप्ता ने नंदेश्वर मंदिर पहुंचकर भगवान शिव के दर्शन किए और इसके बाद मंदिर परिसर तथा आसपास के तालाब क्षेत्र का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों और यातायात (ट्रैफिक) ड्यूटी में लगे जवानों को सख्त निर्देश दिए। डीसीपी ने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम आवागमन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भीड़ प्रबंधन और ट्रैफिक को सुचारू बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया।
गंगा स्नान के दौरान सावधानी बरतने की अपील
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ढोड़ी घाट पहुंचे डीसीपी, गहरे पानी में न जाने की अपील
मंदिर निरीक्षण से पूर्व डीसीपी सबसे पहले गंगा किनारे स्थित ढोड़ी घाट पहुंचे, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान कर जल भर रहे थे। वहां उन्होंने श्रद्धालुओं से सुरक्षा मानकों का पालन करने और बच्चों को गहरे पानी में न ले जाने की भावुक अपील की। इसके साथ ही घाट पर तैनात गोताखोरों और पुलिस टीमों को 24 घंटे मुस्तैद रहने के निर्देश दिए।
संत प्रेमानंद महाराज की तपस्थली और 'इच्छापूर्ति' शिवलिंग की मान्यता
सावन के महीने में नंदेश्वर शिव धाम का महत्व और अधिक बढ़ जाता है। मान्यता है कि विख्यात संत प्रेमानंद जी महाराज ने गृह त्याग करने के बाद इस पावन धाम में कई दिनों तक साधना की थी। यहां स्थापित शिवलिंग को "इच्छापूर्ति शिवलिंग" के नाम से जाना जाता है, जहां दूर-दराज से आने वाले लाखों श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएं लेकर बाबा आशुतोष का जलाभिषेक करते हैं। पुलिस प्रशासन ने सभी शिवभक्तों से शांति बनाए रखने और सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग करने की अपील की है।