डीसीएम पीछे से ट्रक में जा घुसी
हनुमंत विहार क्षेत्र में इटावा-प्रयागराज हाईवे पर नौबस्ता चौराहे के ऊपर फ्लाईओवर पर निजी डाक पार्सल डीसीएम सुबह 8:30 बजे पहुंची। उसी दौरान आगे चल रहा ट्रक कोहरे के चलते चालक को नजर नहीं आया। करीब पहुंचने पर अचानक चालक को ट्रक दिखाई दिया, तो उसने ब्रेक लगा दिया। इससे डीसीएम पीछे से ट्रक में जा घुसी। हादसे में डीसीएम के केबिन में ही बैठे कानपुर देहात के गजनेर थानाक्षेत्र के रुरवा सुल्तानपुर बेराजोर निवासी रंजीत सिंह (34) की भी मौत हो गई। वह फतेहपुर में एक निजी संचार कंपनी में असिस्टेंट मैनेजर थे।
कोहरे और ट्रक चालक के अचानक ब्रेक लगने से हुआ हादसा
परिजनों ने बताया कि रंजीत की छुट्टी थी, लेकिन ऑफिस में लैपटॉप और फाइल भूल जाने के कारण उसे लेने के लिए वह घर आए थे। सोमवार सुबह वह भाई रणधीर के साथ भौंती बाईपास तक गए। वहां से फतेहपुर जाने के लिए डीसीएम में बैठ गए। वहीं, हादसे के बाद हाईवे पर जाम लगने लगा। सूचना पाकर हनुमंत विहार थाना प्रभारी उदय प्रताप सिंह टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और क्रेन की मदद से डीसीएम के केबिन में फंसे दोनों शवों को बाहर निकलवाया। फिर क्षतिग्रस्त ट्रक व डीसीएम को सड़क के किनारे कराकर यातायात सुचारु कराया। थाना प्रभारी ने बताया कोहरे और ट्रक चालक के अचानक ब्रेक लगने की वजह से हादसा होने की बात सामने आई है। बाकी जांच की जा रही है।
मैनेजर का शरीर दो टुकड़े, दूसरे के हाथ पैर टूटे
हादसे की भयावहता की गवाही मृतकों के शरीर में आई चोटें दे रही थीं। हादसा इतना भीषण था कि निजी पार्सल डीसीएम के ट्रक में घुसने से गाड़ी का आगे का लोहा उन लोगों के शरीर में घुस गया। इससे असिस्टेंट मैनेजर के शरीर के कमर के ऊपर से दो टुकड़े हो गए। वहीं, बृजकिशोर के हाथ, पैर टूट गए। साथ ही सिर व शरीर के अन्य जगहों पर गंभीर चोटें दिखी।