अमला ने बताया कि उसकी मानसिक हालत खराब थी। वह तीन साल से इधर-उधर भटक रही थी। कुछ दिनों पहले ही उसकी हालत में सुधार हुआ, तो वह मैनपुरी घर पैदल जा रही थी। भूख के कारण बेहोश हो गई। इसके बाद पुलिस ने अमला की मां और भाई अनिल को सूचना दी।
दोपहर को जब मां और भाई ने थाने पहुंच कर अमला को देखा, तो गले लाकर तीनों रोने लगे। अनिल ने बताया कि बहन के लापता होने के बाद सदमे में आकर पिता रामसागर की मौत हो गई। इसके बाद परिवार के लोग अमला को लेकर घर लौट गए।