गोष्ठी को संबोधित करते कृषि उत्पादन आयुक्त प्रवीर कुमार।
- फोटो : amarujala
कानपुर। रेन वॉटर हार्वेस्टिंग और वाॅटर रिचार्जिंग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कानपुर नगर सहित यूपी के सभी जिलों के डार्क जोन वाले क्षेत्रों के खेतों में 2000 तालाब खुदवाए जाएंगे। इसकी मंजूरी कृषि उत्पादन आयुक्त प्रवीर कुमार की कमेटी ने दे दी है। तालाब खुदवाने के लिए किसानों को अनुदान दिया जाएगा। हर विकास खंड में 20 गुणा 22 मीटर की लंबाई-चौड़ाई और तीन फीट की गहराई वाले तालाबों की खुदाई होगी। इस पर एक लाख पांच हजार रुपये का खर्च आएगा। मानसून आने से पहले यह काम पूरा होगा। तालाब की खुदाई जेसीबी मशीन से कराई जानी है। इस सिलसिले में 9 जून को मुख्य सचिव आलोक रंजन ने मीटिंग भी बुलाई है। कमेटी के मुताबिक तालाबों के पानी का इस्तेमाल सिंचाई के लिए किया जा सकेगा। बुंदेलखंड में 2000 तालाबों की खुदाई कराई जा रही है। इससे पेयजल और सिंचाई के संकट से निजात मिलने की संभावना है।
चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कैलाश भवन सभागार में गुरुवार को कानपुर और इलाहाबाद मंडल की खरीफ फसलों की गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसका उद्घाटन कृषि उत्पादन आयुक्त प्रवीर कुमार, प्रमुख सचिव कृषि एवं कृषि शिक्षा अमित मोहन प्रसाद और प्रमुख सचिव उद्यान निवेदिता शुक्ला ने किया। सभी ने किसानों से आय बढ़ाने पर जोर दिया। प्रमुख सचिव कृषि ने बताया कि सब्सिडी का सीधा लाभ पाने के लिए अब तक 57 लाख किसान ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। कहा कि इस बार अच्छी बारिश की उम्मीद है। ज्यादातर जिलों में खरीफ की फसलों के प्रोडक्शन का लक्ष्य बढ़ाया गया है। खाद, बीज और तकनीक की कमी नहीं है। कानपुर मंडल के कमिश्नर मोहम्मद इफ्तिखारुद्दीन ने कहा कि फसल बीमा योजना का ग्राफ बढ़ा है। कानपुर मंडल में 2 लाख 51 हजार किसान प्रीमियम जमा कर रहे हैं। इलाहाबाद मंडल के कमिश्नर ने कहा प्रमुख सचिव कृषि एवं कृषि शिक्षा अमित मोहन प्रसाद कि सिंचाई का संकट है। नहरों में टेल तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित करनी पड़ेगी। इस मौके पर कानपुर और इलाहाबाद मंडल से संबंधित जिलों के जिलाधिकारी, सीडीओ आदि अधिकारी मौजूद रहे।