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"वायरल इंसेफ्लाइटिस की दस्तक": समय से इलाज न मिलने पर हो सकती मौत, एेसे करें बचाव  

Thu, 24 May 2018 10:48 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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डेमाे पिक
यूपी के कानपुर शहर में वायरल इंसेफ्लाइटिस ने दस्तक दे दी है। ये बीमारी इतनी खतरनाक है कि समय से इलाज न मिलने पर मरीज की मौत भी हो सकती है। बुधवार को ऐसे लक्षणों वाले मरीज को हैलट इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। जानें इस बीमारी और इससे बचने के तरीके के बारे में... 
 
 
 
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डेमाे पिक
बांदा निवासी सोनू (18) को बुखार, सिर दर्द, उल्टियां होने के बाद बेहोश होने की वजह से हैलट इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। डाक्टरों ने उसे वायरल इंसेफ्लाइटिस होने की आशंका जताई है। जीएसवीएम मेडिकल कालेज मेडिसिन विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डा. विशाल गुप्ता ने बताया कि वायरल इंसेफ्लाइटिस बीमारी दो तरह के वायरस से होती है। वायरस एंटेरो खाने के साथ पेट में पहुंचकर संक्रमित करता है, जबकि दूसरा हरपीज वायरस श्वांस से शरीर में पहुंचकर संक्रमण फैलाता है। इनमें से किसी भी वायरस के संक्रमण से दिमाग में सूजन आ सकती है। इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है।  
 
 
 
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डेमाे पिक
इस बीमारी की शुरुआत में मरीज को बुखार और तेज सिर दर्द होता है। उल्टियां आती हैं। मरीज को झटके आते हैं और वह बेहोश हो जाता है। इसके बाद मरीज कोमा में चला जाता है। मरीज की रीढ़ की हड्डी से पानी निकालकर जांच (सीएसएफ टेस्ट) कराई जाती है। समय रहते इलाज न मिलने से उसकी मौत भी हो सकती है। इसलिए बुखार, तेज सिर दर्द, उल्टियां के बाद झटके आने लगें तो 12 से 24 घंटे के भीतर समुचित इलाज कराना जरूरी है, वरना मरीज की जान जा सकती है।

 
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बचाव के उपाय

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डेमाे पिक
- भीड़भाड़ वाले स्थानों में न जाएं। 
- शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत रखें। 
- बुखार, तेज सिर दर्द, उल्टियां, झटके आने पर तुरंत इलाज कराएं। 
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