फर्रुखाबादः कश्मीर समस्या शांति, धैर्य व दृढ़ निश्चय से ही खत्म हो सकती है। गांधीजी विभाजन नहीं चाहते थे। कश्मीर समस्या लंबे समय से है। बातचीत से ही यह हल हो सकती है। ये बातें बौद्ध धर्म गुरु दलाई लामा ने मैनपुरी के राजघाट स्थित वाईबीएस सेंटर में प्रवचन के बाद पत्रकारों से कही।
जनपद मैनपुरी के राजघाट पर धम्म प्रवचन के पहले दिन सोमवार को दलाई लामा ने बोधिचर्यावतार के नौवें अध्याय प्रज्ञापारमिता को विस्तार से समझाया। करीब सवा दो घंटे चले प्रवचन में उन्होंने विश्व शांति का संदेश दिया और लोगों से अहिंसा के रास्ते पर चलने को कहा। इस दौरान उपासकों से पंडाल खचाखच भरा रहा। दलाई लामा तिब्बती भाषा में प्रवचन दे रहे थे। अनुवादक उसे हिंदी में उपासकों को समझा रहे थे।
प्रवचन के बाद कश्मीर समस्या पर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि यह समस्या विभाजन के समय से है। यह समस्या शांति, धैर्य और दृढ़ निश्चय से ही खत्म हो सकती है। दलाई लामा से सवाल किया गया कि इस समस्या के लिए जिम्मेदार कौन है जिन्ना या पंडित नेहरू तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया और मुस्कुराते हुए आगे बढ़ गए। भारत पाकिस्तान विभाजन और कश्मीर समस्या के संदर्भ में उन्होंने बात जरूर की पर एक बार भी पाकिस्तान का नाम नहीं लिया।