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‘पाठा के शैतान’ को खुली चुनौती, जेल जाएगा या फिर जान से

Sat, 29 Apr 2017 07:16 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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गोप्पा की उलटी गिनती शुरू, एक लाख पहुंचा ईनाम
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‘योगी राज’ में नए डीजीपी बने सुलखान सिंह का सबसे बड़ा एक्शन कुख्यात डकैत गोप्पा पर दिख रहा है। दस्यु गोप्पा जेल जाएगा या फिर जान से जाएगा। बांदा के मूल निवासी डीजीपी सुलखान सिंह पाठा के बीहड़ों से अच्छी तरह से वाकिफ माने जाते हैं। तेज तर्रार छवि के आईने में दिखने वाले डीजीपी की पुलिस ने  ‘पाठा के शैतान’ को खुली चुनौती दी है। शायद अब डाकू गोप्पा की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। प्रदेश सरकार ने भी इस दस्यु सरगना पर अपनी नजरें तिरछी करते हुए ईनाम की रकम 50 हजार से बढ़ाकर दो गुनी एक लाख कर दी है। 
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यूपी के नवगांतुक डीजीपी (पुलिस महानिदेशक) सुलखान सिंह से खूंखार डकैतों के नाम से पहचाने जाने वाले बुंदेलखंड को नई पहचान मिली है। बुंदेलखंड का पाठा क्षेत्र दस्यु सरगनाओं के लिए मशहूर रहा है। यहां के कई खतरनाक और नामवर डकैतों का सफाया हो चुका है। लेकिन डाकू रामगोपाल उर्फ गोप्पा अभी भी पाठा में पांव पसारे हुए है। वर्ष 2015 में जब उसने सिर उठाया तो उस पर पांच हजार का ईनाम घोषित हुआ। उसके अपराध और बढ़ते तो यूपी पुलिस द्वारा ईनाम की रकम बढ़ाकर 50 हजार कर दी गई। अब शुक्रवार को प्रदेश सरकार ने इस ईनाम को दोगुना करते हुए एक लाख कर दिया है। उस पर हत्या, धमकी, रंगदारी वसूली, लूट आदि के करीब तीन दर्जन केस हैं। इन दिनों वह बुंदेलखंड का ‘मोस्ट वांटेड’ डाकू बन गया है। 

9 साल का बागी, तीन दर्जन केस
लगभग 9 साल के अपराधिक जीवन में दस्यु गोप्पा सिर्फ एक ही बार पुलिस के हाथ लगा। फिर जमानत पर रिहा हुआ तो आज तक फरार है। 28 फरवरी 2009 को चित्रकूट पुलिस ने कपसेठी गांव के पास उसे गिरफ्तार किया था। करीब साढ़े चार साल यहां बांदा जेल में रहने के बाद 30 अगस्त 2013 को जमानत पर रिहा हुआ और फिर फरार होकर जंगल में गुम हो गया। 
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डीआईजी भी चित्रकूट में 
दस्यु सरगना गोप्पा की बाबत चित्रकूटधाम मंडल डीआईजी ज्ञानेश्वर तिवारी ने कहा कि गोप्पा पर पुलिस लगातार अपना शिकंजा कस रही है। शुक्रवार को र्डीआजी भी चित्रकूट क्षेत्र में ही थे। ईनाम राशि दोगुना कर एक लाख रुपये किए जाने की बाबत डीआईजी ने बताया कि जानकारी उन्हें मिली है। लेकिन अभी ऐसा कोई लिखित आदेश उनके सामने नहीं आया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री और शासन के निर्देशों और मंशा पर कड़ाई से अमल हो रहा है। जल्द ही गोप्पा से निजात दिलाई जाएगी।  
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