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दिनदहाड़े डाकू बबुली कोल गैंग ने वन विभाग की टीम पर झोंका फायर

Wed, 28 Jun 2017 05:49 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर

सार

:- रानीपुर वन्य जीव बिहार क्षेत्र में अवैध खनन की सूचना पर गई थी टीम
:- लौटते समय ताबड़तोड़ फायरिंग से जान बचाकर दूसरे रास्ते से भागी टीम
:- पुलिस मौके पर पहुंची लेकिन वन विभाग की टीम पर हमले की पुष्टि नहीं
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विस्तार
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चित्रकूट के रानीपुर वन्य जीव विहार क्षेत्र में अवैध खनन रुकवाने के बाद लौट रहे वन विभाग के रेंजर व वनरक्षकों की बोलेरो पर डाकू बबुली कोल गैंग ने दिनदहाड़े ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी । जिससे भयभीत रेंजर समेत अन्य कर्मचारियों ने दूसरे रास्ते से भागकर जान बचाई। किसी तरह मानिकपुर पहुंचने के बाद थाने में रेंजर ने सूचना दी। पुलिस के पहुंचने के पहले गैंग भाग निकला। 
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जानकारी के अनुसार मंगलवार की सुबह मानिकपुर थाना क्षेत्र के रानीपुर वन्य जीव विहार के रेंजर त्रिवेणी प्रसाद बोलेरो से वन रक्षकों के साथ वन क्षेत्र में अवैध खनन की सूचना पर निही गांव के जंगल पहुंचे थे। मौके का निरीक्षण करने के बाद वह जैसे ही पांडेय का डेरा के पास उनका वाहन पहुंचा तो कोडरिया जंगल के पास मौजूद पांच लाख 30 हजार के इनामी डाकू बबुली कोल गैंग ने वाहन पर फायरिंग कर दी। अचानक फायरिंग होने से बोलेरो सवार भयभीत हो गए और किसी तरह वाहन लेकर मानिकपुर की ओर आए।

इसके बाद रेंजर ने विभागीय अधिकारियों समेत पुलिस को सूचना दी। डकैतों की फायरिंग से किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। वन रेंजर ने बताया कि सरकारी वाहन से वनवाचर सियाराम, राधेश्याम व गुलाब के अलावा चालक सुधीर के साथ रानीपुर क्षेत्र में अवैध खनन की सूचना पर कोडरिया जंगल पहुंचे थे। वहां पर मौजूद कुछ भाग निकले इसके बाद वह बोलेरो से मानिकपुर की ओर लौट रहे थे तभी डकैतों ने हमला कर दिया। 
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गोलियों की आवाज से वह समझ गए कि डकैतों ने हमला किया है जिससे सभी ने तत्काल दूसरे रास्ते से बोलेरो को लेकर मानिकपुर पहुंचे। डकैतों की एक भी गोली उनके वाहन से नहीं टकराई। इसके बाद विभागीय उच्चाधिकारियों के माध्यम से पुलिस को सूचना दी है। इस मामले में अपर एसपी बलवंत चौधरी ने बताया कि कडोरिया के जंगल में कुछ फायरिंग की आवाज की बात तो ग्रामीणों ने कही है लेकिन वन विभाग की टीम पर डकैतों के हमले की फिलहाल पुष्टि नहीं है। वन रेंजर से भी पुलिस पूछताछ कर रही है। अभी रेंजर या वन विभाग की ओर से कोई तहरीर नहीं मिली है। डकैतों की मौजूदगी की सूचना पर पुलिस बल मौके पर गया था लेकिन तब तक डकैत भाग चुके थे।
 
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घटना की जानकारी देते वन रेंजर त्रिवेणी प्रसाद।  - फोटो : अमर उजाला
वन रेंजरों को फोन पर मिली धमकी
पाठा क्षेत्र में डकैतों का इन दिनों इतना मनोबल बढ़ गया है कि जंगल से अपनी जान बचाकर भाग रहे वन रेंजर को मोबाइल से फोन कर धमकी भी दे डाली। किसी तरह जान बचाकर भागकर आए रेंजर ने मानिकपुर में पत्रकारों को बताया कि जब वह कैंप कार्यालय पहुंचे तो तभी उनके मोबाइल पर एक फोन भी आया। फोन करने वाले ने खुद को डाकू लवलेश कोल बताकर चेतावनी भरे लहजे में कहा कि दोबारा यदि फंसे तो जान से हाथ धोना पडे़गा। जिससे वन विभाग की टीम भयभीत है। जिस नंबर से फोन आया था उसे उच्चाधिकारियों को दे दिया गया है।

कई कर्मचारी चढ़ चुके हत्थे
जंगल से अपनी कर्मचारी की जान बचा कर वापस आए वन क्षेत्राधिक ारी त्रिवेणी प्रसाद ने डरे-सहमे अंदाज में बताया कि इसके पहले भी कई बार वन कर्मचारी दस्यु गिरोहों के हत्थे चढ़ चुके हैं। जिसके चलते वन कर्मचारी जंगल जाने से घबराते हैं। इधर, कुछ दिनों से पुलिस कांबिंग से वनकर्मी कुछ हिम्मत कर सामूहिक रूप में जंगल में वन क्षेत्र की देखरेख करने जाते थे लेकिन इस घटना के बाद एक नई मुसीबत खड़ी हो र्गई है। वन कर्मचारियों के जंगल में न पहुंच पाने की वजह से ग्रामीण अवैध कटान कर पर्यावरण को हानि पहुचाते हैं। जंगलों में वृक्षारोपण पेड़ों की देखरेख एक बड़ी समस्या खड़ी हो गई है।  

कुछ यूं रहा घटनाक्रम
डाकू बबुली कोल गैंग लगातार खनन के काम में भी हस्तक्षेप कर रहा है। कुछ दिन पूर्व मारकुंडी क्षेत्र में चूने के पहाड़ में खनन होने में डकैतों का हाथ बताया गया था। मंगलवार की सुबह कोडरिया के जंगल में भी बेखौफ डाकू बबुली कोल गैंग मौजूद था। 
सुबह साढ़े छह बजे- मानिकपुर से रेंजर बोलेरो से कोडरिया के जंगल की ओर रवाना
सवा सात बजे- रानीपुर वन्य जीव बिहार क्षेत्र के निही पहुंचे
आठ बजे- खनन क्षेत्र से वापसी
साढ़े आठ बजे- बिज्जू पांडेय के पुरवा से गुजरे 
पौने नौ बजे- कोडियार के जंगल पहुंचे तो फायरिंग शुरू
साढ़े नौ बजे- दूसरे रास्ते से मानिकपुर पहुंचे।


 
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