विधायक श्रीकांत कटियार, एसडीएम शिवेंद्र वर्मा, सीओ माया राय, सीएफओ रमेश कुमार तिवारी भी पहुंचे और घटना स्थल के बाद अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल लिया। प्राथमिक उपचार के बाद सभी घायलों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जिला इलाज के दौरान रवी की मौत हो गई, जबकि अन्य का इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार अन्य घायलों की हालत खतरे से बाहर है।
सीओ बोलीं- हादसे के कारणों की जांच होगी
सीओ माया सिंह ने बताया कि घटना में दो की मौत हुई है। शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए हैं। सिलिंडर मेें हीलियम और हाईड्रोजन गैस का प्रयोग होना चाहिए। लेकिन अधिकांश सिलिंडरों में सस्ती गैस भरी होने से यह घटनाएं हो जाती हैं। सिलिंडर फटने के कारणों की जांच की जा रही है।
गुब्बारे बेच कर करता था परिवार का पालन पोषण
मृतक गजराज की पत्नी मीनू ने बताया कि सास रामजानकी के अलावा बच्चों में उन्नति, विकास और शुभम हैं। इन सबकी जिम्मेदारी पति गजराज पर ही थी। बेटे की मौत से मां, पत्नी और बच्चे बेहाल हैं।
एक महीने पहले चंडीगढ़ से आया था रवी
घटना का शिकार हुआ रवी का परिवार चंडीगढ़ में रहकर मजदूरी करता है। एक महीने पहले सभी गांव घूमने आए थे। वह कक्षा 11 का छात्र था। एआरटीओ में लाइसेंस के लिए उसने आवेदन किया था। वही बनवाने के लिए सभी यहां रुके थे। दो भाईयों में बड़ा था। बेटे की मौत से मां रामजानकी और अन्य परिजन बेहाल हैं।
अधिक गैस भरने से भी फट सकता है सिलिंडर
एफएसओ शिवदरस प्रसाद का कहना है कि सिलिंडर फटने के वजह अत्यधिक गैस भरना भी हो सकता है। बताया कि अक्सर एक ही बार में ज्यादा गैस भरवाने के लिए लोग ज्यादा भरवा लेते हैं। सिलिंडर में गैस तरल (लिक्विड) में होती है और वह गैस बनकर बाहर आती है। ज्यादा भरे होने पर गैस तेजी से बनती है और नॉब बंद करने पर सिलिंडर फट जाता है।