राम का अभिनय गांव के ऋषि मिश्रा और लक्ष्मण नितेश शर्मा बनते हैं। सीता अमित सविता और रावण का किरदार शैलेंद्र दीक्षित निभाते हैं। रियाज अहमद मंथरा के किरदार का रिहर्सल कर रहे हैं। इसी गांव के रहने वाले पूर्व डीएसपी नियाज अहमद रामलीला कमेटी के संरक्षक, और मो. इस्लाम, जमीर खां आदि कमेटी में सदस्य हैं।
ऐसे पड़ी रामलीला की नींव
रामलीला कमेटी के संरक्षक 65 वर्षीयअशोक मिश्रा बताते हैं कि उनके बुजुर्ग बताते थे कि वर्ष 1884 में गांव के कन्हई और मुसाहिब के बीच भूमि पर मालिकाना हक को लेकर विवाद हो गया था। दोनों भूमि को अपनी बता रहे थे। विवाद को सुलझाने के लिए दोनों पक्ष के बड़े-बुजुर्गों ने पंचायत बुलाई।
काफी देर तक शिकवा-शिकायतों का दौर चला इसके बाद दोनों पक्ष इस जमीन को मेला और रामलीला आयोजन के लिए सुरक्षित करने पर सहमत हो गए और जमीन को लेकर अपनी जिद छोड़ दी। बताते हैं कि मुसाहिब ने ही रावण का पुतला भी बनाया था।