कानपुर। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हुए चक्रवाती तूफान मोंथा और भूमध्य सागर में हवा के कम दबाव का क्षेत्र बनने से सोमवार को माैसम बदल गया। सुबह से ही बादलों का घेरा बन गया था जो दोपहर बाद से बरसना शुरू हो गया। शाम तक कुल पांच मिमी बारिश दर्ज की गई। अगले 24 घंटे में तेज बारिश की संभावना है जबकि हवा की रफ्तार 20 किमी प्रति घंटा रही। इस कारण दिन का पारा 5.7 डिग्री लुढ़क कर 27.4 डिग्री सेल्सियस रिकाॅर्ड किया गया। रात में बादल होने की वजह से न्यूनतम तापमान एक डिग्री बढ़कर 19 डिग्री सेल्सियस जा पहुंचा।
माैसम विभाग के अनुसार, मोंथा चक्रवात का असर उत्तर प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में पड़ा है। माैसम विशेषज्ञ डाॅ. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि मोंथा तूफान दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी में सक्रिय है जो उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए आंध्र प्रदेश तट तक पहुंच सकता है। इससे तेज हवाएं चलने भारी बारिश की संभावना है। कानपुर और इसके आसपास के क्षेत्रों में कुल 20 मिमी बारिश होने और 40 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चलने की संभावना है। इसका असर सिर्फ 48 घंटे तक रह सकता है। 29 अक्तूबर को फिर से धूप हो सकती है।
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घने बादलों से बढ़ा प्रदूषण
कानपुर। रात से लेकर पूरे दिन घने बादल होने से शहर के अधिकांश क्षेत्रों में प्रदूषण की मात्रा बढ़ गई। तेज बारिश नहीं होने से प्रदूषण की परतें धुल नहीं पाईं। रात के नाै बजे तक प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के माॅनीटर पर सबसे अधिक प्रदूषण कल्याणपुर क्षेत्र में 184 एक्यूूआई रहा। किदवईनगर में 163 एक्यूआई, नेहरू नगर में 164 एक्यूआई और आईआईटी के आसपास 154 एक्यूआई प्रदूषण की मात्रा रिकाॅर्ड हुई। यह सामान्य मात्रा 50 एक्यूआई से तीन गुना से भी अधिक रही। संभावना है कि मंगलवार को तेज बारिश से प्रदूषण की परते छंट सकती हैं।