बिल्हौर। बिल्हौर कोतवाली में गौरी गांव के पास लग्जरी कारों में पकड़े गए आठ साइबर ठगों का मक्का किसानों से ठगी करने का इरादा था। पकड़े गए आरोपी बीते कई दिनों से इलाके के मक्का किसानों से संपर्क कर उनका ऑनलाइन बैंक अकाउंट खोलने, चेक बुक जारी कराने और मोबाइल नंबर की जानकारी के लिए सक्रिय थे। पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि असम में बैठे साइबर ठगों का सरगना ठगी का कुल 70 प्रतिशत लेता है जबकि अन्य सदस्यों को 30 प्रतिशत राशि बंटती है।
बिल्हौर इंस्पेक्टर अशोक कुमार सरोज ने बताया कि पकड़े गए सभी युवक इंटरनेट, मोबाइल बैंकिंग के एक्सपर्ट हैं। शातिरों का आपस में कोई रिश्ता नहीं है। सिर्फ ठगी के लिए सभी इलाके में सक्रिय थे। दोनों कारों में पकड़े गए सारंगपुर लोहन्ना निवासी पंकज, इटावा के सिविल लाइंस निवासी शिवम कुमार इटावा निवासी अली खान, लखनऊ लाल कुर्ती निवासी इमरान अहमद, रायबरेली निवासी मानस अवस्थी, लखनऊ के चंद्रपुर निवासी विजय शर्मा, ललितपुर के सनौरा निवासी अभिषेक, ललितपुर के तालवेयर निवासी वीरेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि वह असम के एक जैक नाम के युवक से ऑनलाइन संपर्क में थे। जैक के इशारे पर वह किसानों, ग्रामीणों और महिलाओं के ऑनलाइन रुपये पार करते थे।
बताया कि लखनऊ में एक रौनक नाम का साथी भी उन्हें इस प्रकार के कार्य में मदद करता था। ठगों ने पुलिस को बताया कि इस समय मक्का की बिकवाली जोर-शोर से जारी है इसलिए वह लोग किसानों के दस्तावेज और मोबाइल नंबर लेकर सूची बना रहे थे।