इंश्योरेंस कंपनी के एजेंटों से ग्राहकों का डाटा खरीदकर प्रीमियम में छूट के बहाने ठगी करने वाला गिरोह बेहद शातिर है। ठग मैक्सलाइफ इंश्योरेंस कंपनी के एजेंटों को एक ग्राहक की पूरी जानकारी देने के बदले एक रुपये देते थे। एजेंट एक साथ तीन से चार हजार ग्राहकों का डाटा बेच देते थे। क्राइम ब्रांच की टीम अब इन एजेंट पर शिकंजा कसने की तैयारी में जुट गई है।
इस संबंध में कंपनी के अफसरों से भी टीम ने पूछताछ कर जानकारी ली है। ठगों के पास ग्राहक की पूरी जानकारी होती थी ऐसे में वह आसानी भरोसा कर लेते थे। यही भरोसा उन्हें ठगों के जाल में फंसा देता था। डीसीपी क्राइम सलमान ताज पाटिल ने बताया कि आरोपी जस्ट डायल साइट से इंश्योरेंस एजेंटों के नंबर निकालते थे। एजेंट से फोन पर ही डाटा की खरोद-फरोख्त करते थे। पैसों का ट्रांजेक्शन ऑनलाइन करते थे।
एजेंट ग्राहक का नाम, पता, मोबाइल नंबर, पॉलिसी नंबर, पॉलिसी की किस्त देने की तारीख, ईमेल आदि जानकारी दे देते थे। ठगी का पूरा खेल यहीं से शुरू होता था। वरुण, शिवम और आशीष ग्राहकों को फोन कर जाल में फंसाते थे। अफसर से बात कराने की बात कह ये अमन से ग्राहक की बातचीत कराते थे। जो खाते की जानकारी देता था। जिसमें पैसा जमा करना होता था।