इसके बाद छात्रों ने खिड़की के कांच तोड़ दिए। सूचना पर पहुंचे डीसीपी पश्चिम विजय ढुल ने परीक्षार्थियों को समझाने का प्रयास किया। इंस्टीट्यूट के निदेशक की ओर से दोबारा परीक्षा कराए जाने के आश्वासन के बाद परीक्षार्थी शांत हुए। वहीं, मामले की जांच के लिए कमेटी का गठन भी किया जाएगा।
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) के सिटी कोआर्डिनेटर बलविंदर सिंह का कहना है कि छात्रों का नुकसान नहीं होगा। पेपर सेंटर की गलती की वजह से गलत पर्चा बंटा है। इसकी रिपोर्ट एनटीए को भेज दी गई है। फर्रुखाबाद के अजय प्रताप, दिबियापुर के रुस्तम दिवाकर और घाटमपुर की प्रांजलि सचान ने बताया कि शाम की पाली में पांच बजे से छह बजे तक उनकी परीक्षा थी।
परीक्षार्थियों को परीक्षा कक्ष में बंद कर दिया गया
आरोप है कि पहले सभी की हाजिरी ली गई। उन लोगों को काफी देर तक प्रश्नपत्र नहीं दिया गया। जब परीक्षार्थियों ने विरोध किया, तो चुप कराने के लिए बहाने से उनके एडमिट कार्ड जमा करा लिए और उन्हें परीक्षा कक्ष में बंद कर दिया गया। इस पर गुस्साए परीक्षार्थियों ने तोड़फोड़ की।
नई तिथि घोषित कर कराई जाएगी परीक्षा
इस मामले में कॉलेज के निदेशक ने बताया कि जिस पाली में अंग्रेजी माध्यम की परीक्षा थी, उस समय भूलवश हिंदी माध्यम का पेपर दे दिया गया था। इसलिए शाम की पाली के छात्र परीक्षा नहीं दे सके। बताया कि एनटीए से बात हो गई है। दोबारा नई तिथि घोषित कर परीक्षा कराई जाएगी।
हंगामे की सूचना पर पहुंची पुलिस ने परीक्षार्थियों को शांत कर दिया है। एनटीए ने प्रभावित परीक्षार्थियों का एग्जाम निरस्त कराने को कहा है। इसको लेकर परीक्षार्थी हंगामा करते हुए पूरी परीक्षा निरस्त कराने के लिए कहने लगे, जिसको लेकर विवाद बढ़ गया था। -विजय ढुल, डीसीपी पश्चिम