कानपुर। छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय समाज के वंचित वर्गों के उत्थान के लिए लगातार नई पहल कर रहा है। इसी कड़ी में विश्वविद्यालय ने अब राजकीय संप्रेषण गृह में अत्याधुनिक कंप्यूटर लैब स्थापित करने का निर्णय लिया है। इसका उद्देश्य वहां रह रहे बच्चों को डिजिटल युग के अनुरूप तकनीकी शिक्षा प्रदान करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार लैब में आधुनिक कंप्यूटर, इंटरनेट सुविधा और डिजिटल लर्निंग संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। इसमें बच्चों को कंप्यूटर की बेसिक जानकारी के साथ-साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और डिजिटल साक्षरता के बुनियादी पहलुओं के बारे में बताया जाएगा। बालक-बालिकाओं में तकनीकी जागरूकता बढ़ेगी को वह डिजिटल प्लेटफॉर्म का सही उपयोग करना सीख सकेंगे।
विवि के कंप्यूटर साइंस विभाग के विशेषज्ञ इस लैब में समय-समय पर प्रशिक्षण कार्यशालाओं का आयोजन करेंगे। इनमें बच्चों को पासवर्ड सुरक्षा, डिजिटल फ्रॉड से बचाव जैसे व्यावहारिक विषय भी सिखाए जाएंगे।
कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने कहा कि विवि केवल अकादमिक शिक्षा तक सीमित नहीं रहना चाहता बल्कि समाज के हर वर्ग को नई तकनीक और शिक्षा से जोड़ने का प्रयास कर रहा है। यदि वंचित बच्चे आधुनिक तकनीक की समझ प्राप्त करेंगे तो वह भी मुख्यधारा से जुड़ सकते हैं और बेहतर भविष्य की दिशा में कदम बढ़ा सकते हैं।