सीएसजेएमयू और ग्लाइडर्स इंडिया लिमिटेड के बीच हुआ एमओयू।
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कानपुर। रक्षा और एयरोस्पेस तकनीक जैसे उभरते और रणनीतिक क्षेत्रों में कॅरिअर बनाने का सपना देख रहे छात्रों के लिए छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) ने अहम पहल की है। विश्वविद्यालय ने ग्लाइडर्स इंडिया लिमिटेड के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत छात्रों को न केवल शैक्षिक ज्ञान मिलेगा, बल्कि उन्हें व्यावहारिक अनुभव भी प्राप्त होगा।
इस संयुक्त परियोजना को ग्लाइडर्स–सीएसजेएमयू हब फॉर इंजीनियरिंग, टेक्नोलॉजी एंड नेशनल एयरोस्पेस एप्लीकेशन (जी-चेतना) नाम दिया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य छात्रों को रक्षा और एयरोस्पेस तकनीकों से जुड़ी वास्तविक औद्योगिक जरूरतों के अनुसार तैयार करना है, जिससे उनका शैक्षिक ज्ञान मजबूत हो सके।
एमओयू पर ग्लाइडर्स इंडिया लिमिटेड के मुख्य प्रबंध निदेशक एमसी बालासुब्रमण्यम और सीएसजेएमयू के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने हस्ताक्षर किए। समझौते के तहत छात्रों के लिए विशेषज्ञ व्याख्यान, कार्यशालाएं, अल्पकालिक प्रशिक्षण कार्यक्रम, संवाद सत्र और शोध आधारित चर्चाओं का आयोजन किया जाएगा। इससे विद्यार्थियों को किताबों से बाहर निकलकर उद्योग के विशेषज्ञों से सीधे सीखने का अवसर मिलेगा।
कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने कहा कि यह सहयोग छात्रों की व्यावहारिक दक्षताओं और पेशेवर क्षमताओं को विकसित करने में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने बताया कि रक्षा जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में उद्योग से सीधा जुड़ाव छात्रों को रोजगारोन्मुखी बनाएगा और कक्षा में पढ़ाए जाने वाले विषयों को वास्तविक जीवन से जोड़ने में मदद करेगा।
ग्लाइडर्स इंडिया लिमिटेड के अधिकारियों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे छात्र और शिक्षक रक्षा क्षेत्र से जुड़ी नई तकनीकों, नवाचारों और समस्या समाधान के व्यावहारिक पहलुओं को बेहतर ढंग से समझ सकेंगे। इसके अलावा यह पहल भविष्य में छात्रों के लिए शोध, इंटर्नशिप और कॅरिअर के नए अवसरों के दरवाजे भी खोलेगी। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के प्रति-कुलपति प्रो. सुधीर कुमार अवस्थी और कुलसचिव डॉ. राकेश कुमार मिश्रा भी मौजूद रहे।