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Kanpur News: रूसी कंपनी से ड्रोन तकनीक का ज्ञान लेंगे सीएसजेएमयू के छात्र

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कानपुर। छत्रपति शाहूजी महाराज विवि के छात्र अब रूसी कंपनी जियोस्कैन से ड्रोन तकनीक सीखेंगे। यह पहल देश को ड्रोन क्षेत्र में मजबूत बनाने के उद्देश्य से की गई है। इसके लिए विश्वविद्यालय और जियोस्कैन के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए हैं। इसके साथ ही ड्रोन यूएवी, आइडिया और साइबर सिक्योरिटी लैब का भी शुभारंभ हुआ है।
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यह समझौता विश्वविद्यालय में ड्रोन डिजाइन, फ्लाइट ऑपरेशन, मैपिंग एवं सर्वेक्षण जैसी उन्नत तकनीकों के विकास एवं प्रशिक्षण को बढ़ावा देगा। जियोस्कैन के विशेषज्ञ समय-समय पर कार्यशालाएं और प्रशिक्षण सत्र आयोजित करेंगे। इससे छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का व्यावहारिक अनुभव मिलेगा। भारत-रूस तकनीक सहयोग के तहत सीएसजेएमयू में ड्रोन यूएवी लैब शुरू हुई है। इस लैब में छात्रों को यूएवी डिजाइन, डेवलपमेंट, ऑपरेशन और डेटा एनालिटिक्स में अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण मिलेगा।

यहां छात्रों को यूएवी डिजाइन एवं एयरोडायनामिक्स, फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम, जीपीएस, जीएनएसएस, आरटीके, ड्रोन मैपिंग और जीआईएस विश्लेषण, लिडार और मल्टीस्पेक्ट्रल सेंसर, मिशन प्लानर जैसे सॉफ्टवेयर की जानकारी दी जाएगी। इससे छात्रों को रोजगार के बेहतर अवसर, स्टार्टअप सपोर्ट और रिसर्च ग्रोथ की जानकारी दी जाएगी।
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कुलपति विनय कुमार पाठक ने कहा कि यह पहल छात्रों को भविष्य की तकनीकों से जोड़ने वाली हैं। ये उन्हें राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करेंगी। इस मौके पर रूस से तकनीकी विशेषज्ञ व्लादिमीर एवोनोफ और एलेक्सी ट्रुस्कोव, कलाम एसपीएस रिसर्च सेंटर प्राइवेट लिमिटेड के फाउंडर सृजन पाल सिंह, इंडो-रशियन टेक्नोलॉजी हब के निदेशक देबजीत चक्रवर्ती उपस्थित रहे। कार्यक्रम में प्रो. वीसी सुधीर कुमार अवस्थी, रजिस्ट्रार राकेश कुमार मिश्रा शामिल रहे।


नवाचार और स्टार्टअप का नया केंद्र बनेगी आइडिया लैब

यूआईटी में आइडिया, डेवलपमेंट, इवोल्यूशन एंड एप्लीकेशन लैब की स्थापना हुई है। यह छात्रों को सीखो और बनाओ की अवधारणा पर आधारित मंच प्रदान करेगी। छात्र यहां थ्रीडी प्रिंटर, रोबोटिक्स किट, आईओटी उपकरण, एम्बेडेड सिस्टम और इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरणों पर काम करेंगे। एआईसीटीई के सहयोग से यह लैब करीब एक करोड़ रुपये में स्थापित हुई है। इससे स्टार्टअप और उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा। हैकाथॉन और इनोवेशन प्रतियोगिताओं की तैयारी बेहतर हो सकेगी।

साइबर सिक्योरिटी लैब की स्थापना

डिजिटल युग में बढ़ते साइबर खतरों को देखते हुए यूआईईटी में साइबर सिक्योरिटी लैब स्थापित हुई है। यह छात्रों को साइबर सुरक्षा में व्यावहारिक प्रशिक्षण और शोध का अवसर देगी। लैब में उच्च प्रदर्शन सर्वर और सुरक्षित नेटवर्क अवसंरचना स्थापित हैं। यहां वर्चुअल साइबर रेंज के माध्यम से रियल-टाइम अटैक और डिफेंस सिमुलेशन कराया जाएगा। इससे छात्रों को वास्तविक परिस्थितियों का अनुभव मिलेगा। यह लैब पुलिस, साइबर क्राइम यूनिट, बैंकिंग संस्थानों और अन्य एजेंसियों के लिए भी प्रशिक्षण और सुरक्षा ऑडिट का केंद्र बनेगी।
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