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सीएसए नहीं देगा फूड प्रोसेसिंग में डिप्लोमा

Sat, 13 Feb 2016 02:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर
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चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में डिप्लोमा इन एग्रीकल्चर एंड फूड प्रोसेसिंग की पढ़ाई नहीं होगी। मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली स्टेयरिंग कमेटी ने सत्र 2016-17 से शुरू होने वाले इस डिप्लोमा कोर्स के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। इसी के साथ प्रस्तावित कोर्स को एंट्रेंस टेस्ट की सूची से बाहर कर दिया गया है।
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कृषि विश्वविद्यालय में डिप्लोमा इन एग्रीकल्चर एंड फूड प्रोसेसिंग की 40 सीटें खुलनी थीं। इसके लिए बिल्डिंग, लैब और लाइब्रेरी भी बनाई गई। इस पर करोड़ों खर्च हुए। डिप्लोमा की पढ़ाई की अनुमति पहले एकेडमिक काउंसिल, फिर बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट (बीओएम) से ली गई थी। 

10 फरवरी को लखनऊ में मुख्य सचिव आलोक रंजन की अध्यक्षता वाली स्टेयरिंग कमेटी के सामने इसका प्रस्ताव रखा गया। इस पर मुख्य सचिव ने कहा कि कृषि विश्वविद्यालय में डिग्री कोर्स शुरू किया जाना चाहिए। इंटरमीडिएट के बाद डिप्लोमा की पढ़ाई कराके सर्टिफिकेट बांटना ठीक नहीं है। इससे स्टूडेंटों का बौद्धिक विकास नहीं होगा।
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इसी का नतीजा रहा कि कानपुर कृषि विश्वविद्यालय प्रशासन ने यूपी कंबाइंड एग्रीकल्चर एंड टेक्नोलॉजी एंट्रेंस टेस्ट (यूपी कैटेट) 2016 की सूची से डिप्लोमा कोर्स को बाहर कर दिया। इसकी पढ़ाई कॉलेज ऑफ होम साइंस में होनी थी। स्टेयरिंग कमेटी की मीटिंग में कार्यवाहक कुलपति प्रो. एसएल गोस्वामी भी शामिल हुए थे।

सीएसए में डीन की नियुक्ति विवादित
कानपुर। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में जूनियर को डीन एग्रीकल्चर और डीन स्टूडेेंट अफेयर्स बना दिया गया। अब पूरे मामले की शिकायत राज्यपाल राम नाईक से की गई है।

इसके मुताबिक डॉ. यूके त्रिपाठी की नियुक्ति सवालों के घेरे में है। वह सीनियारिटी में काफी नीचे हैं। कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) मेें ही काम करने का अनुभव है।

कृषि विश्वविद्यालय के कार्यवाहक कुलपति प्रो. एसएल गोस्वामी ने गत 10 फरवरी को प्रो. राजेंद्र प्रसाद को डीन एग्रीकल्चर बनाया है। वह दो शिक्षकों से जूनियर हैं। प्रो. पूनम की सीनियारिटी 2004 की है। डॉ. राजेंद्र सिंह जनवरी 2006 में प्रोफेसर बने थे, जो सीनियारिटी लिस्ट में दूसरे पायदान पर हैं।

डॉ. राजेंद्र प्रसाद नवंबर 2006 में प्रोफेसर बने थे। इसके बावजूद उन्हें डीन एग्रीकल्चर का काम दिया गया। इस पर शिक्षकों ने आपत्ति की और धारा-23 के तहत राज्यपाल को रिप्रजेंटेशन देने का फैसला किया।

सूत्रों ने बताया कि डीन की नियुक्ति विवादित है। इस मामले में राज्यपाल को हस्तक्षेप करना चाहिए। जूनियर को डीन बनाना गलत है। इसका कड़ा विरोध किया जाएगा।

वहीं, मीडिया प्रभारी डॉ. वेद रतन का कहना है कि योग्य शिक्षकों को डीन बनाया गया है। जूनियारिटी या फिर सीनियारिटी का आंकड़ा प्रशासनिक विभाग से मिलता है, जिसकी जानकारी नहीं है। 
  
डीबीएस में 17 फरवरी को केमिस्ट्री प्रैक्टिकल परीक्षा
कानपुर। डीबीएस कॉलेज में केमिस्ट्री के प्रैक्टिकल एग्जाम 17 फरवरी को सुबह 10:30 बजे से होंगे। बीएससी प्रथम, द्वितीय और तृतीय वर्ष और एमएससी प्रथम और द्वितीय वर्ष के छात्र-छात्राएं विभाग में संपर्क करें। यह जानकारी विभागाध्यक्ष डॉ. एससी दीक्षित ने दी।
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