शिक्षकों की सीधी भर्ती में धांधली के आरोपों में घिरे चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) के कुलपति प्रो. मुन्ना सिंह ने सुप्रीम कोर्ट से झटका खाने के बाद रविवार को पद से इस्तीफा दे दिया।
इसकी पुष्टि राजभवन से हुई है। हालांकि इस्तीफा अभी स्वीकार नहीं हुआ। सोमवार को इस पर चर्चा के बाद निर्णय लिया जाएगा। शिक्षकों की सीधी भर्ती का विज्ञापन निकालने में गड़बड़ी और गलत तरीके से इंटरव्यू कराने के मामले का खुलासा ‘अमर उजाला’ ने किया था।
इसके बाद राज्यपाल राम नाईक ने तीन सदस्यीय कमेटी से जांच कराई और कुलपति को निलंबित कर दिया था। कुलपति ने राज्यपाल के इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी। हाईकोर्ट ने प्रो. मुन्ना सिंह को बहाल कर दिया। इस पर राज्यपाल की ओर से हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई।
21 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी। इसके बाद राज्यपाल का पुराना आदेश प्रभावी हो गया। यानी प्रो. मुन्ना सिंह पुरानी डेट से निलंबित और मेरठ के कृषि विश्वविद्यालय से संबद्ध मान लिए गए। इस पर प्रो. मुन्ना सिंह ने रविवार को इस्तीफा दे दिया। सूत्रों ने बताया कि फैक्स से इस्तीफा भेजने के बाद ही प्रो. मुन्ना सिंह ने कुलपति आवास खाली कर दिया।