कानपुर। ग्राम पंचायतों में कराए गए विकास कार्यों का लेखा-जोखा प्रस्तुत न करने पर जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) ने 87 पंचायत सचिवों का वेतन रोक दिया है। इनमें 56 ग्राम विकास अधिकारी और 31 ग्राम पंचायत अधिकारी शामिल हैं। भुगतान के दस्तावेज जमा करने तक वेतन पर रोक लगी रहेगी।
ग्राम पंचायतों में राज्य व केंद्र वित्त से कराए गए विकास कार्यों का हर वर्ष ऑडिट कराया जाता है। ऑडिट विभाग ने इस बार वर्ष 2016 से 2022 तक खर्च की गई धनराशि की फाइलों की गहन जांच की। जांच के दौरान एक लाख रुपये से अधिक के बकाया प्रस्तावों को खंगाला गया, जिसमें चौंकाने वाला खुलासा हुआ। जांच में सामने आया कि करीब एक करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि का लेखा-जोखा 87 सचिवों के पास उपलब्ध नहीं है। जिलाधिकारी के निर्देश पर डीपीआरओ मनोज कुमार ने दोषी सचिवों के वेतन पर तत्काल रोक लगा दी है। डीपीआरओ ने बताया कि जिन सचिवों ने एक लाख से अधिक के प्रस्तर नहीं जमा किए गए हैं उन सभी का वेतन रोका गया है। जब तक प्रस्तर नहीं जमा करेंगे तब तक सचिवों का वेतन नहीं जारी किया जाएगा।