कानपुर के नौबस्ता थाना क्षेत्र में लोगों से कम निवेश पर ज्यादा देने के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले नटवरलाल को पुलिस को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। ठग के पकड़े जाने की सूचना पर कई पीड़ित थाने पहुंच गए और आरोपी से अपने पैसे का हिसाब मांगने लगे। बाद में पुलिस ने सभी को समझाकर शपथपत्र देने को कहा।
थाना प्रभारी के अनुसार पशुपति नगर निवासी संजीव कुमार अग्निहोत्री ने इन्फोटेक एग्रीकल्चर मल्टीस्टेट कोऑपरेटिव सोसाइटी नाम की कंपनी में सैकड़ों लोगों के करोड़ों रुपये लगवाए। यह लखनऊ की डिफाल्टर सोसाइटी बताई जा रही है। संजीव ने खुद को इस सोसाइटी का मालिक बताकर लोगों को अपना शिकार बनाया।
2014 से उसने लोगों का पैसा लगवाना शुरू किया। अवधि पूरी होने पर किसी का भी पैसा नहीं लौटाया। इस संबंध में उसके खिलाफ बर्रा और नौबस्ता थाने में कई मुकदमे दर्ज थे। तब से वह फरार था। उसके घर आने की सूचना पर शुक्रवार रात को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
सरकारी नौकर से लेकर पंचर बनाने वाले तक को ठगा
शातिर ने अपनी बातों में फंसाकर हर वर्ग के लोगों को चूना लगाया। सरकारी नौकरी करने वाले पढ़े लिखे लोगों से लेकर पंचर बनाने वाले तक को उसने अपना शिकार बनाया। अनुमान लगाया जा रहा कि संजीव ने छह से सात करोड़ रुपये का निवेश कराया है। ठगी का शिकार गोविंदनगर निवासी राकेश श्रीवास्तव, पनकी के नरेंद्र सिंह चंदेल, नौबस्ता पशुपतिनगर के नीरज गुप्ता, किदवईनगर के राजू त्रिवेदी, बर्रा तीन के सूरज दीक्षित, किदवईनगर की सुनीता शुक्ला आदि ने थाने पहुंचकर बताया कि उन्हें भी संजीव ने कम निवेश पर ज्यादा ब्याज का आश्वासन दिया था। समय पूरा होने पर उन्होंने पैसे मांगे तो मना कर दिया। पुलिस करीब छह महीने से शातिर की तलाश में थी।