गोविंद नगर में कथित सपा नेताओं की गुंडई, घर में घुसकर मारपीट व चरित्रहीनता के आरोपों से त्रस्त युवती ने शनिवार को घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों ने नामजद तहरीर दी लेकिन देर रात तक पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। परिजनों ने आरोप लगाया कि अगर पुलिस पहले चेत जाती तो लड़की की जान बच सकती थी।
पिता के मुताबिक 20 दिन पहले आरोपियों ने घर में घुसकर पत्नी व बेटियों के साथ जमकर मारपीट की थी। गोविंदनगर पुलिस ने आरोपियों पर कार्रवाई के बजाए दोनों पक्षों के खिलाफ शांतिभंग की कार्रवाई कर दी थी। इसके बाद आरोपियों ने शुक्रवार रात उनकी बेटी पर चरित्रहीनता का आरोप लगाकर गाली-गलौज की।
उन्होंने पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी। पुलिस आई लेकिन फिर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय चुपचाप चली गई। शनिवार सुबह भी आरोपियों ने घर में घुसकर बेटी को पीटा लेकिन पुलिस ने कुछ नहीं किया। आखिर बेटी ने जान दे दी।
गोविंदनगर की विवेकानंद नगर कच्ची बस्ती निवासी राजमिस्त्री ध्रुवप्रसाद शनिवार को दोनों बेटों और पत्नी के साथ काम पर गए थे। घर में बड़ी बेटी प्रियंका (17) व छोटी बेटी गुड्डी (15) मौजूद थी। गुड्डी ने पुलिस को बताया कि वह नहाने गई थी। नहाकर लौटी तो देखा दीदी के कमरे का दरवाजा बंद था। आवाज दी तो जवाब नहीं आया।
फिर पड़ोसियों को बुलाकर दरवाजा तोड़ा तो देखा दीदी का शव कमरे में दुपट्टे के सहारे बल्ली से लटका रहा था। इसके बाद पुलिस और परिजनों को सूचना दी गई। पिता की तहरीर के मुताबिक, पड़ोस में रहने वाला रमेश यादव, कथित सपा नेता आशीष गुप्ता, गुड्डू सिंह समेत छह लोग उनके परिवार को परेशान कर रहे थे।
शनिवार सुबह जब परिजन काम पर चले गए तो आशीष गुप्ता, गुड्डू सिंह, रमेश यादव, उसकी पत्नी नीलम, बड़कऊ चौहान व एक महिला ने प्रियंका पर चरित्रहीनता का आरोप लगाते हुए अभद्रता और गाली-गलौज की। विरोध किया तो प्रियंका को लात-घूंसों से पीटा और धमकी देते हुए चले गए।
इससे क्षुब्ध होकर प्रियंका कमरे में चली गई और दरवाजा अंदर से बंद कर फांसी लगा ली। पिता ने बताया कि करीब 20 दिन पहले भी आरोपियों ने घर में घुसकर मारपीट की थी। शुक्रवार रात और शनिवार सुबह भी मारपीट की लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।