कर्नलगंज से अगवा कर हर्षित उर्फ ईशू (10) की हत्या के मामले में शनिवार को आईजी आशुतोष पांडेय ने एसओ शिवाकांत शुक्ला, हेड मोहर्रिर मनोज कुमार दीक्षित और कांस्टेबल प्रेमचंद्र को निलंबित करने का आदेश दिया। साथ ही सीओ को 24 घंटे में इनकी रिपोर्ट देने को कहा है।
दोपहर में आईजी पीड़ित परिवार को सांत्वना देने उनके घर गए। मौके पर ही अफसरों की क्लास लगाई। इसके अलावा उन पांच थानेदारों और वहां कार्यरत पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी जांच बैठा दी गई है, जहां-जहां पीड़ित को टरकाया गया।
तुरंत एफआईआर न लिखने, पीड़ित पक्ष को टरकाने, गलत रिपोर्ट एसजेपीयू (स्पेशल जुवेनाइल पुलिस यूनिट) में भेजने और एक भी बार पीड़ित के घर न जाने के आरोप में यह कार्रवाई हुई है।
कर्नलगंज न्यू ईदगाह कालोनी निवासी राजेंद्र चौधरी के इकलौते बेटे हर्षित को अगवा कर हत्या कर दी। वह घर के बाहर से 13 मई दोपहर साढ़े तीन बजे लापता हुआ और 15 मई सुबह नौ बजे ग्वालटोली थानाक्षेत्र में शव मिला। बंधे बोरे में ईशू को फेंका गया था।
शनिवार दोपहर लगभग तीन बजे आईजी आशुतोष पांडेय पीड़ित परिवार को सांत्वना देने पहुंचे। पूरा मोहल्ला परिवार के साथ खड़ा था।
ऐसे में आईजी ने मौके पर ही कर्नलगंज एसओ शिवाकांत शुक्ला को फटकारा। सीओ विवेक त्रिपाठी और ग्वालटोली एसओ आशीष कुमार मिश्रा को भी बताया कि पीड़ित को कैसे हम पुलिस कार्रवाई का लाभ दे सकते थे, जो नहीं दिया। आईजी ने परिवार के मुखिया का मोबाइल नंबर लिया और कर्नलगंज सीओ को निर्देश दिए कि वह हर दिन पीड़ित को आगे की कार्रवाई की प्रगति बताएंगे।
आईजी ने एसओ शिवाकांत शुक्ला, हेड मोहर्रिर मनोज कुमार दीक्षित और कांस्टेबल प्रेमचंद्र को निलंबित करने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि कोहना, कोतवाली, ग्वालटोली, बजरिया, रायपुरवा के थानेदारों की इस प्रकरण में भूमिका की जांच के भी आदेश दिए गए। पीड़ित का आरोप है कि यह इन थानों में गए, वहां जानकारी दी, लेकिन सभी ने टरकाया।