महिला जज प्रतिभा सिंह गौतम ने 9 अक्तूबर की सुबह अपनी हत्या से पहले रात में साथी महिला जज से करीब 17 मिनट तक लंबी बात की थी। उनके मोबाइल की सीडीआर (कॉल डिटेल रिपोर्ट) हासिल करके पुलिस इस बातचीत में छिपे राज हासिल कर सकती है। लेकिन पुलिस साथी जज से बात करने में हिचक रही है। ऐसे में प्रतिभा को इंसाफ दिलाने के लिए साथी महिला जज को आगे आना चाहिए।
बता दें कि कानपुर देहात में तैनात महिला जज प्रतिभा गौतम की हत्या सर्किट हाउस जजेज कंपाउंड में उनके आवास में नौ अक्तूबर की सुबह की गई थी। आरोपी पति मनु अभिषेक के मुताबिक उसने कंपाउंड में रहने वाले प्रतिभा के साथी न्यायिक अधिकारियों को हत्या की जानकारी दी थी। हालांकि मनु पहले कैंट थाने गया था या न्यायिक अधिकारियों के पास, इसको लेकर भ्रम है। इस भ्रम को दूर करने के लिए पुलिस न्यायिक अधिकारियों से बात करने ही झिझक रही है, उन्हें गवाह बनाना तो बहुत दूर की बात है।
दिल्ली कैसे पहुंची प्रतिभा की कार
सीसीटीवी फुटेज के मुताबिक महिला जज प्रतिभा गौतम की नीली बत्ती लगी कार से उनका पति मनु अभिषेक कानपुर आया था। मनु ने वारदात वाले दिन नौ अक्तूबर की सुबह 6:18 बजे टोल क्रास किया। जज की कार की वजह से टोल टैक्स नहीं लिया गया। सवाल यह उठता है कि प्रतिभा की नीली बत्ती लगी सफेद कार मनु के पास कैसे पहुंची। आठ अक्तूबर की सुबह महिला जज को उनके ड्राइवर ने कार से सेंट्रल स्टेशन छोड़ा था। फिर वे शताब्दी से दिल्ली गई थीं। पुलिस के लिए यह जांच का विषय है कि वह किस कार से स्टेशन पहुंचीं और उनकी कार पति के पास दिल्ली कैसे पहुंची।