परिचय-सीएचसी पनवाड़ी के बाहर रोते-बिलखते परिजन व मौजूद पुलिस बल
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महोबा जिले के पनवाड़ी थानाक्षेत्र के ग्राम नटर्रा में जमीन के विवाद में ग्रामीण की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतक का पड़ोस के ही युवक से आधा बीघा खेत पर कब्जे को लेकर विवाद चल रहा था।
ग्राम नटर्रा निवासी आशाराम कुशवाहा (65) सेवानिवृत्त होमगार्ड था।
उसके परिवार में पत्नी व तीन बेटे जगदीश (40), रामेश्वर (37) और जागेश्वर (32) हैं। बेटे भी उसके साथ खेती में सहयोग करते थे। आशाराम का पड़ोसी अमरचंद्र विश्वकर्मा से आधा बीघा खेत पर कब्जे को लेकर एक साल से विवाद चल रहा था।
रविवार की रात करीब दस बजे आशाराम गांव में नंदकिशोर की दुकान के बाहर टीवी देख रहा था। तभी अमरचंद्र अपने साथी चांदबाबू के साथ तमंचा लेकर वहां पहुंच गया और आशाराम पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। वह खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर पड़ा और हमलावर तमंचा लहराते हुए भाग निकले।
गोलियों की आवाज सुन घटनास्थल पर भगदड़ मच गई। परिजन आशाराम को गंभीर हालत में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पनवाड़ी ले गए। वहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। अपर पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र कुमार व सीओ कुलपहाड़ अवध सिंह ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का मुआयना किया और थानाध्यक्ष पनवाड़ी अशोक कुमार सिंह को जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए। आशाराम के बेटे जगदीश ने चांदबाबू और अमरचंद्र के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।