कानपुर यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की बिरहाना रोड स्थित मुख्य शाखा में बिना आईडी के दो करोड़ रुपये की करेंसी बदलने के खेल का खुलासा हुआ है। लखनऊ स्थित फील्ड जनरल मैनेजर के ऑफिस से विजिलेंस जांच शुरू होते ही बैंक के पांडुनगर स्थित रीजनल ऑफिस ने मुख्य शाखा के तीन कर्मचारियों विनीत सोनकर, रजनी कुंडेर, कैश अफसर रामनारायण भारती को सस्पेंड कर दिया है। रीजनल ऑफिस के डीजीएम रवि कुमार गुप्ता ने इसकी पुष्टि की है।
बैंक सूत्रों के मुताबिक मामले का खुलासा नोट जमा करने की सीमा समाप्त होने के बाद हुआ जब आरबीआई के निर्देश पर बैंकों ने डाटा खंगालना शुरू किया। बैंक के केंद्रीय सर्वर ने पकड़ा कि बिरहाना रोड की मुख्य शाखा में बड़ी मात्रा में नोट बदले गए हैं लेकिन इसके बदले आइडी नहीं लगाई गई। इस पर मुख्यालय ने जांच बैठा दी। बीते दिनों विजिलेंस टीम ने बैंक शाखा के सीसीटीवी फुटेज, कैश की स्थिति, नोट बदलने वालों की डीटेल और आईडी का मिलान किया। गड़बड़ी का खुलासा होने के भय से प्रबंधक ने पहले ही तीन कर्मचारियों को सस्पेंड कर खुद का बचाने का प्रयास किया। डीजीएम यूनियन बैंक रवि कुमार गुप्ता ने बताया कि गड़बड़ी की आशंका में तीन कर्मचारियों को सस्पेंड किया है। अभी यह नहीं कहा जा सकता कि गड़बड़ी हुई ही है। इसकी जांच चल रही है।