लखनऊ से कानपुर जा रहे एक बीमा कंपनी में काम करने वाले कार सवार दो युवकों को नकाबपोशों ने अगवा कर लिया। हाईवे पर हुई इस घटना से सनसनी फैल गई। जांच कर रही पुलिस आपसी लेनदेन का शक जता रही है। देर रात तक रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई थी।
कानपुर के चकेरी के कृष्णापुरम निवासी हिमांशु पाल, मालरोड निवासी दोस्त प्रतीक सिंह, आशीष सिंह व कोयला नगर कानपुर निवासी नवीन उर्फ दुर्गेश यादव के साथ लखनऊ के हजरतगंज में एक बीमा कंपनी में वाहन बीमा का काम करते हैं। मंगलवार रात 8:30 बजे चारों एक ही कार से लखनऊ से कानपुर घर जा रहे थे।
कार प्रतीक चला रहा था। हाईवे पर अजगैन कोतवाली के जगदीशपुर गांव के पास नवीन ने लघुशंका की बात कहकर कार रुकवाई। तभी पीछे से आई दूसरी कार में सवार छह लोगों ने हिमांशु पाल और नवीन को खींचकर अपनी कार में डाल लिया और कानपुर की ओर भाग निकले।
प्रतीक सिंह ने साथियों को बचाने के लिए कार का पीछा भी किया। सफेद रंग की पट्टी लगाकर कार का नंबर छिपा रखा था। कुछ दूर पर पुलिस की पीआरवी खड़ी देख प्रतीक ने घटना की जानकारी दी। पीआरवी ने घटनास्थल पहुंचकर जांच की।
इसके बाद प्रतीक और आशीष को थाने ले गए। कोतवाल संतोष कुमार ने घटना की जानकारी ली। प्रतीक के मुताबिक नवीन की कानपुर में रहने वाले युवक से दोस्ती है। उसने हिमांशु पाल से तीन लाख रुपये उधार लिए थे। इन्ही रुपयों के लेनदेन को लेकर तीन दिन पहले विवाद हुआ था।
इसके बाद यह घटना हुई है। उसने पुलिस को बताया कि घटना के पीछे यह भी वजह हो सकती है। अजगैन कोतवाली प्रभारी संतोष कुमार ने बताया कि रुपयों के लेनदेन का मामला सामने आ रहा है। घटना की जांच की जा रही है। सर्विलांस की भी मदद ली जा रही है।