घंटाघर के एक होटल में मंगलवार को जहरीला पदार्थ खाने वाले एचबीटीआई छात्र विवेक यादव(20) की देर रात हैलट अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। इससे पहले विवेक ने अपने मित्र राकेश को फोन करके जहरीला पदार्थ खाने की जानकारी दी थी। मित्र ने ही विवेक को हैलट में भर्ती कराया था।
इधर, बुधवार को पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे पिता दिनेश यादव ने संस्थान के एक वार्डन को बेटे की मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने बताया कि फर्जी बिल साइन कराने के लिए बेटे पर दबाव डाला जाता था। इसका विरोध करने पर उसे हॉस्टल से निकाल देने की धमकी दी गई थी।
नवाबगंज एसओ ने बताया कि पिता या परिवार के किसी शख्स ने एफआईआर के लिए तहरीर नहीं दी है। तहरीर मिलने पर जांच कराकर उचित कार्रवाई की जाएगी। मूलरूप से मिर्जापुर जिले के नियामत खुर्दपुर (चुनार) के विवेक एचबीटीआई में बीटेक(प्लास्टिक टेक्नोलॉजी) सेकंड ईयर के छात्र थे। पिता का दूध का कारोबार है।
परिवार में मां माला देवी, दो भाई विपिन, विनय और एक बहन वंदना हैं। पिता ने बताया कि मंगलवार रात में बेटे को गंभीर हालत में भ्रमर हैलट लेकर पहुंचे, जहां देर रात उसकी सांसे थम गईं। पिता दिनेश का आरोप है कि बेटा मेस में जनरल सेक्रेट्री बनाया था, उसके साइन के बिना कोई बिल पास नहीं होता था।
बेटे पर वार्डन फर्जी बिल पर साइन करने का दबाव बनाते थे। इधर, एचबीटीआई रजिस्ट्रार नरेश कुमार ने कहा कि परिजनों के आरोप बेबुनियाद हैं। फिर भी वह चाहते हैं तो आरोपों की जांच के लिए एक कमेटी गठित कर दी जाएगी।
स्टूडेंट की मौत से तकनीकी संस्थान प्रशासन आहत है। इसी वजह से सेमेस्टर परीक्षा स्थगित कर दी गई। स्थगित परीक्षा 23 को कराई जा सकती है।