सिरौली थाने के सिपाही दंगल सिंह और होमगार्ड सतीश ने एक महिला की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए आईजी विजय सिंह मीना ने सीओ आंवला का जवाब तलब किया है। पूछा है कि पौने दो महीने में सिपाही और होमगार्ड के खिलाफ जांच पूरी क्यों नहीं हुई। जबकि सात दिन में जांच पूरी होकर रिपोर्ट आ जानी चाहिए थी।
सिरौली के मोहल्ला सईदान की रहने वाली महारानी सिंह ने बताया कि उसका बाइस साल का बेटा जितेंद्र सिंह आल्टो कार किराए पर चलाता है। सात मार्च को दोपहर दो बजे सिरौली थाने के सिपाही दंगल सिंह कार लेकर साथ जितेंद्र सिंह को अपने गांव ले जाने को कहने लगा। जितेंद्र ने लड़की की तबियत खराब होने की बात कहते हुए उससे मना कर दिया था। सिपाही ने मना करते ही जितेंद्र सिंह से गाली-गलौज की। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट भी की गई। दोपहर बाद सिपाही और होमगार्ड शराब पीकर फि र उसके घर पहुंच गए। उन्होंने रायफल की बट से उसके बेचे की पिटाई की। पीड़िता ने आईजी से मुलाकात करके दोनों की शिकायत की तो मामले की जांच सीओ आंवला को दी गई लेकिन अभी तक रिपोर्ट आईजी को नहीं भेजी गई है। बुधवार को महारानी ने फिर से आईजी से सिपाही और होमगार्ड की शिकायत की। बताया कि चार मई को सिपाही और होमगार्ड ने जितेंद्र कु मार को फिर से रास्ते में पकड़ लिया। कहने लगे तेरी मां ने शिकायत वापस नहीं ली तो संगीन धाराओं में बंद कर दिया जाएगा। आईजी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सीओ आंवला का जवाब तलब किया है।