कर्नलगंज में दीवार के विवाद में समझौता कराने गए पूर्व पार्षद और एसपीओ मुर्सलीन अली खान उर्फ भोलू पर हलवाई के बेटे ने खौलता तेल फेंक दिया जिससे छह लोग झुलस गए।
इलाकाई लोगों ने झुलसे लोगों को एक निजी हॉस्पिटल में एडिमट कराया जहां से हैलट रेफर कर दिया गया। इलाके में भारी फोर्स तैनात है।
कर्नलगंज थाने के हिस्ट्रीशीटर फखरे आलम ने चुन्ना-मुन्ना से कर्नलगंज कारी साहब पार्क के पास एक विवादित मकान खरीदा था। फखरे आलम ने मकान खाली करवा लिया। खाली मकान को तुड़वाकर नया मकान बनवाने की तैयारी चल रही थी। मकान के पीछे की दीवार कमर हलवाई की दीवार से लगी है।
इसी दीवार पर फखरे आलम और कमर के बीच विवाद है। सूत्रों के मुताबिक शनिवार को फखरे आलम और उसके साथियों ने कमर हलवाई के पुत्र इमरान और अंसार के साथ मारपीट की थी। इसी मामले में रविवार शाम भोलू, कमर और फखरे आलम के बीच समझौता कराने गए थे।
बातचीत शुरू होने से पहले ही कमर हलवाई के पुत्र अंसार ने कढ़ाई में रखा खौलता तेल गिलास से फेंकना शुरू कर दिया। जिसमें भोलू (40), शादाब (30), अतहर (35), हाजी लड्डू (45), अल्तमश (13) सहित फखरे आलम (40) झुलस गए। हमले के बाद भोलू के समर्थकों ने दुकान में तोड़फोड़ के साथ आगजनी का प्रयास किया।
हॉस्पिटल में भी सैकड़ों की भीड़ पहुंच गई और हंगामा शुरू कर दिया। एसएसपी शलभ माथुर, विधायक इरफान सोलंकी भी अस्पताल पहुंचे।
जैकेट के चलते बच गएः इलाकाई लोगों ने बताया कि भोलू और उसके साथी जैकेट पहने हुए थे इसलिए ज्यादा नहीं झुलसे। भोलू का चेहरा और हाथ जल गया है। बाकी लोगों के भी सिर, मुंह, हाथ, सीना आदि झुलसा है।