मंडल कारागार के बाहर सिम विक्रेता से पूछताछ करते गौतमबुद्ध नगर कोतवाली के दरोगा बलजोर सिंह।
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बांदा की गौतमबुद्ध नगर जेल में पुलिस की नांक तले अपराध पनप रहा है। अपराध पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस हाथ पैर मार रही है लेकिन देरी होने पर।
इससे कोई फायदा नहीं मिल पा रहा। अपराधी जेल में बैठे-बैठे बाहर बड़े व्यापारियों को फिरौती के लिए फोन घुमा रहे हैं। इससे इलाके में दहशत का माहौल है।
हाल ही में गौतमबुद्ध नगर जेल में बंद शार्प शूटर अनिल दुजाना ने फोन के जरिये एक रेडीमेड कपड़ा व्यवसायी से एक करोड़ रुपये की फिरौती मांगी थी। व्यवसायी बुरी तरह घबरा गया। उसने नोएडा में रिपोर्ट दर्ज कराई। वहां की पुलिस ने शनिवार को बांदा आकर जेल अधिकारियों और कर्मियों से इस बाबत पूछताछ की। दुजाना को फोन, सिम बेचने वाले दुकानदार से भी पूछताछ की। बता दें शूटर दुजाना को पिछले महीने ही बांदा जेल से हटाकर महाराजगंज की जेल भेजा गया है।
शार्प शूटर अनिल दुजाना पिछले वर्ष अप्रैल 2015 में यहां मंडल कारागार लाया गया था। वह यहां लगभग डेढ़ साल तक रहा। पिछले महीने अक्तूबर में शासन ने उसे महाराजगंज जेल भेजवा दिया। इस बीच अक्तूबर में दुजाना ने गौतमबुद्ध नगर के रेडीमेड कपड़ा व्यवसायी श्रवण रस्तोगी को मोबाइल से फोन करके धमकाया कि वह उससे आकर मिले और एक करोड़ रुपया दे। व्यवसायी ने 8 अक्तूबर को गौतमबुद्ध नगर कोतवाली में अनिल दुजाना के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।