सेवानिवृत्त लेखपाल की हत्या कर उसकी लाश बोरे में बंद कर अरहर के खेत में फेंक दी गई। उसके हाथ- पैर रस्सी से बंधे थे। बेटे ने शिनाख्त की। मामला यूपी के कानपुर जिले का है। भोगनीपुर कोतवाली के छतैनी गांव प्रधान इलियास की सूचना पर पुलिस ने शनिवार को सुबह अरहर के खेत से बोरे में बंद एक लाश बरामद की। लाश के हाथ-पैर बंधे हुए थे। पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर मौके पर पहुंचे कोतवाल राधामोहन दुबे तथा चौकी प्रभारी दिनेश सिंह यादव ने मौके पर गहन जांच पड़ताल की।
सूचना पर पहुंचे डेरापुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत ननथू निवासी नीरज पांडेय ने मृतक की शिनाख्त अपने पिता चंद्र प्रकाश उर्फ चंदू पांडेय के रूप में की। नीरज ने पुलिस को बताया कि पिता चंद्र प्रकाश सेवानिवृत्त लेखपाल थे। वह वर्ष 2010 में रिटायर हुए और पुखरायां में किराए के मकान में रहते थे। वर्ष 1995 में छतैनी क्षेत्र में लेखपाल रहे थे। बकौल नीरज एक लेखपाल के माध्यम से पिता की हत्या किए जाने की जानकारी मिली। पिता की नाक और सीने पर चोट के निशान थे। वहीं दीक्षाताइनपुर गांव के अवधेश द्विवेदी के मकान के पीछे से छतैनी निवासी तारबाबू के खेत तक बोरा घसीटने जाने के निशान मिले हैं।
पुलिस अधीक्षक प्रभाकर चौधरी ने भी मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की। बताया कि एक्सपर्ट टीम ने मौके से फिंगर प्रिंट लिए हैं। पुलिस हत्या के मामले की गहनता से जांच पड़ताल कर रही है। हत्या के विभिन्न बिंदुओं को जांच में शामिल किया जा रहा है। शव मिलने वाले बोरे की पहचान कराने का प्रयास किया जा रहा है। एसपी ने मृतक के तीनों पुत्रों नीरज, त्रिलोकी और त्रिभुवन से भी पूछताछ करने के निर्देश थाना पुलिस को दिए हैं। साथ ही मृतक के कमरे की जांच कराई गई। अनुमान है कि शनिवार की भोर पहर चंद्र प्रकाश पांडेय उर्फ चंदू की हत्या की गई है।