यूजीसी की एंटी रैगिंग सेल पर 18 अक्तूबर को की गई थी शिकायत
आईआईटी कानपुर में रैगिंग की एक और घटना सामने आई है। बीटेक छात्र ने अपने सीनियर पर मारपीट, गाली-गलौज और अश्लील हरकतें करने का गंभीर आरोप लगाया है। मामले की शिकायत विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की एंटी रैगिंग सेल पर बीते 18 अक्तूबर को की गई थी। छात्र की शिकायत पर यूजीसी की सेल हरकत में आ गई। सेल ने इसकी जानकारी इंस्टीट्यूट प्रशासन और स्थानीय पुलिस को दी तो हड़कंप मच गया। यूजीसी की एंटी रैगिंग सेल ने इंस्टीट्यूट प्रशासन को जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई करने का आदेश दिया है। हालांकि इंस्टीट्यूट के डिप्टी डायरेक्टर प्रो. मणिंद्र अग्रवाल ने इसे पुरानी घटना बताई। उन्होंने कहा कि किसी ने अगस्त में हुई रैगिंग की घटना की शिकायत अब यूजीसी से की है। मामले में यूजीसी को जवाब भेजा जा रहा है।
22 छात्रों पर गिर चुकी है गाज
डेमो पिक
आईआईटी में बीते अगस्त में बीटेक फर्स्ट ईयर के कुछ छात्रों के साथ ग्रुप रैगिंग की घटना सामने आई थी। जांच में 22 छात्र दोषी पाए गए थे। जिसके बाद इंस्टीट्यूट ने 16 आरोपी छात्रों को तीन साल व छह छात्रों को एक साल के लिए सस्पेंड कर दिया था।
सोशल मीडिया पर आज भी उठ रहा मुद्दा
डेमो पिक
इंस्टीट्यूट में रैगिंग का मुद्दा सोशल मीडिया पर लगातार छाया हुआ है। कई छात्र 22 छात्रों के निलंबन को गलत ठहराने में जुटे हैं। कुछ निलंबित छात्र भी आईआईटी प्रशासन के फैसले को गलत ठहराते हुए मामले को कोर्ट ले जाने की तैयारी कर रहे हैं।